बद्दी स्थित बीबीएनआईए हॉल में ''मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परियोजना'' के आगाज़ के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया

बद्दी स्थित बीबीएनआईए हॉल में ''मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परियोजना'' के आगाज़ के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया 


नालागढ़:पवन कुमार 

हुमाना पीपुल टू पीपुल इंडिया (एचपीपीआई) और विप्रो केयर्स 26 मई को सुबह 10.30 बजे से 1:00 बजे हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में बरोटीवाला, बद्दी स्थित बीबीएनआईए हॉल में ''मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परियोजना'' के आगाज़ के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया ।महिलाओं, किशोरों और बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एचपीपीआई ने नवंबर 2022 में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परियोजना पर काम करना शुरू कर दिया था, जिसके आगाज़ की घोषणा इस कार्यक्रम के द्वारा की गई । 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त श्री मनमोहन शर्मा शामिल हुए । सब डिविजनल मजिस्ट्रेट श्री दिव्यांशु सिंगल, पुलिस उपधीक्षक श्री रमेश शर्मा , खंड स्वास्थ्य अधिकारी श्री डॉ. उदित कुमार ,जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री गगन हंस और विप्रो के श्री अंकुश किचलू, आकांक्षा माथुर मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। एचपीपीआई से श्री संजीव भट्ट, श्री चंदन वर्मा, अशोक यादव, विनोद यादव और दीपक बुमराह परियोजना के संदर्भ में एचपीपीआई और विप्रो केयर्स की साझेदारी का परिचय दिया ।

उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा की संस्था हुमाना पीपल टू पीपल इंडिया व विप्रो केयर के प्रयास से जारी परियोजना के माध्यम से बरोटीवाला क्षेत्र की 30 आंगनवाड़ी के कार्य क्षेत्र व सोलन जिला में स्वास्थ्य समन्धि सेवाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए स्वास्थय विभाग, महिला एवं बाल विकाश, विप्रो केयर व हुमाना संस्था को एक जुट होकर मातृ व बाल स्वास्थ्य में सुधार करने का आह्वान किया  

इस परियोजना का उद्देश्य वंचित समुदायों की महिलाओं, किशोरों और बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने में उनकी सहायता करना और स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण में सहायता करना है। इस परियोजना के द्वारा 30 आंगनवाड़ी केंद्रों, 5 स्वास्थ्य उप केंद्रों और बरोटीवाला प्राथमिक स्वास्थय केंद्र में महिलाओं और बाल स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को मजबूत करने लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना क्षेत्र की अधिकांश आबादी औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों की है। यह परियोजना एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के दिन-प्रतिदिन के काम को अंजाम देने में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए उनके क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करती है। 


वर्ष भर में, परियोजना विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, 0 से 6 वर्ष की आयु के कुपोषित बच्चों की पहचान करेगी और उनके स्वास्थ्य में सुधार करने में उनकी सहायता करेगी।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

CSI TEAM ने ज्वाली के कैहरियां में 676 ग्राम चरस सहित 02 व्यक्ति गिरफ्तार

इंदौरा जोनल टूर्नामेंट में प्रताप वर्ल्ड स्कूल ने लहराया परचम

चम्बा में दो युवतियों के साथ दुराचार का मामला आया सामने,बीएनएस और पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

गणेश उत्सव कमेटी कठयाहल छातडू का उत्सव शुरू

भरमाड़ स्कूल ने वॉलीबाल में जीती ट्रॉफी, बैडमिंटन में रहा उपविजेता

ज्वाली में घर की खिड़कियों की ग्रिल तोड़कर चोरी, 21 लाख के गहने-नकदी पर हाथ साफ

AI से अश्लील फोटो बना रेलवे अफसर को ब्लैकमेल करने वाली युवती गिरफ्तार

हिंदी की सृजनात्मक उड़ान से गूंजा रिवालसर कॉलेज

फतेहपुर में भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कसी कमर

अज्ञात महिला का चक्की खड्ड के समीप प्रदेश के थपकौर क्षेत्र में एकअज्ञात महिला का शव वरामद