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मूल नक्षत्र में होने पर शांति के उपाय जरूरी, शांति मंत्र से पाएं समाधान

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मूल नक्षत्र में होने पर शांति मंत्र से पाएं समाधान करे यह उपाय मूल नक्षत्र में होने पर शांति के उपाय जरूरी, शांति मंत्र से पाएं समाधान मूल नक्षत्रों में जन्मे शिशुओं के लिए यह नक्षत्र हमेशा कष्टकारक नहीं होते हैं। यदि कष्टकारक हो तो इनकी शांति कराने से मूल नक्षत्र शुभ फलदायक हो जाते हैं। शास्त्रों की मान्यता है कि संधि क्षेत्र हमेशा नाजुक और अशुभ होते हैं। जैसे मार्ग संधि (चौराहे-तिराहे), दिन-रात का संधि काल, ऋतु, लग्र और ग्रह के संधि स्थल आदि को शुभ नहीं मानते हैं। इसी प्रकार गंड-मूल नक्षत्र भी संधि क्षेत्र में आने से नाजुक और दुष्परिणाम देने वाले होते हैं। शास्त्रों के अनुसार इन नक्षत्रों में जन्म लेने वाले बच्चों के सुखमय भविष्य के लिए इन नक्षत्रों की शांति जरूरी है। मूल शांति कराने से इनके कारण लगने वाले दोष शांत हो जाते हैं।  क्या है गंड मू ल नक्षत्र राशि चक्र में ऐसी तीन स्थितियां होती हैं, जब राशि और नक्षत्र दोनों एक साथ समाप्त होते हैं। यह स्थिति ‘गंड नक्षत्र’ कहलाती है। इन्हीं समाप्ति स्थल से नई राशि और नक्षत्र की शुरूआत होती है लिहाजा इन्हें ‘मूल नक्षत्र’ कहते हैं। ...

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