कर्मचारी-पेंशनरों की नाराजगी दूर किए बिना सरकार की वापसी मुश्किल: पीसी विश्वकर्मा
कर्मचारी-पेंशनरों की नाराजगी दूर किए बिना सरकार की वापसी मुश्किल: पीसी विश्वकर्मा
नूरपुर : विनय महाजन /
प्रदेश की सुक्खू सरकार को दिया परामर्श कि जव तक प्रदेश का कर्मचारी पेंशनर पीड़ित व क्रोधित रहेंगा तब तक मौजूदा सरकार रिपीट नहीं हो सकती
नूरपुर भारत जोड़ो और लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की खंड इकाई के चीफ पैटर्न पीसी विश्वकर्मा ने सुखबिंदर सिंह सुक्खू जी को परामर्श दिया है कि जव तक प्रदेश का कर्मचारी पेंशनर पीड़ित रहेंगे क्रोधित रहेंगे तब तक आपकी सरकार रिपीट नहीं करेंगी। यह जानकारी आज एक प्रेस नोट मे देते हुए पी सी विश्वकर्मा ने वताया कि कर्मचारी पेंशनर कुछ नया नहीं मांग रहे हैं,, वे तो अपना हक मांग रहे है जो कि देय है व उचित है जिसे लटका कर रखने से सरकार को इस मामले मे गंभीरता से सोचना होगाl यह पूर्व बीजेपी की सरकार मे पेंशनर से खफा थे जिन्होंने जयराम सरकार के रिपीट मिशन को धूमल कर दिया और जाते-जाते बीजेपी की सरकार ने प्रदेश को कर्जे में डुबोकर व देनदारियां विरासत मे छोड़कर चले गये l उन्होंने कहा कि अगले साल पंजाब और हिमाचल में विधानसभा के चुनाव होने हैं भारत सरकार के चुनाव आयोग की नजर पंजाब के साथ हिमाचल पर भी है l चुनाव आयोग दोनों राज्यों के चुनाव एक साथ भी करवा सकता हैl इसलिए मौजूदा सुक्खू सरकार को थोड़े समय में कर्मचारी पेंशनर की तमाम देनदारी चुकानी होगी और लंबित 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का इंतजाम करना होगा।पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि पूर्व सरकारों के मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह व प्रेम कुमार धूमल हमेशा कर्मचारी पेंशनर हितैषी रहे है l उन्होंने कभी भी इन वर्गों को निराश भी नहीं किया l मुख्यमंत्री भी इस मामले में सकारात्मक भूमिका प्रदेश के पेंशनरों के हाथ में निभाएं क्योंकि हिमाचल प्रदेश में पेंशनरो का वोट बैंक मौजूदा कर्मचारियों से अधिक

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