गागल-सकरोहा के पास दो गौवंश मृत अवस्था में मिले, गौ रक्षक दल ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
गागल-सकरोहा के पास दो गौवंश मृत अवस्था में मिले, गौ रक्षक दल ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
नेरचौक : अजय सूर्या /
बल्ह उपमंडल के अंतर्गत गागल-सकरोहा क्षेत्र के समीप दो गौवंश गहरी खाई में मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही बल्ह गौ रक्षक दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और स्थानीय युवाओं के सहयोग से दोनों गौवंशों को खाई से बाहर निकाला।
बल्ह गौ रक्षक दल के सदस्य अशोक ने बताया कि मौके पर निरीक्षण के दौरान उन्हें गौवंशों के साथ क्रूरता किए जाने की आशंका हुई। उनके अनुसार गौवंशों के शरीर पर कुछ ऐसे निशान दिखाई दिए, जिनसे संदेह उत्पन्न होता है कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया हो। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि केवल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। इसके बाद जेसीबी की सहायता से दोनों गौवंशों को खाई से बाहर निकाला गया तथा स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार एवं दफन संस्कार रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया।
मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब कुछ स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि घटना में कुछ व्यक्तियों की संलिप्तता हो सकती है। वहीं कुछ लोगों ने एक पिकअप वाहन और ट्रक चालक के संबंध में जानकारी होने का दावा भी किया है। हालांकि इन दावों की अभी तक पुलिस या प्रशासन द्वारा कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बल्ह गौ रक्षक दल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने पर विचार कर सकते हैं।
संगठन ने प्रदेश सरकार से भी पशु क्रूरता की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून बनाने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
उधर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल गौवंशों की मृत्यु के कारणों को लेकर विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

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