"विनाश काले विपरीत बुद्धिहिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार की है व्यवस्था परिवर्तन नीति
"विनाश काले विपरीत बुद्धिहिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार की है व्यवस्था परिवर्तन नीति
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर प्रदेश की न्यू पेंशन स्कीम 10 वर्ष से कम सेवाकाल वाले रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी महासंघ' के प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर संजीव गुलेरिया ने आज सरकार की तानाशाही नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हाईकोर्ट से लगा तमाचा लेकिन फिर भी सरकार की आंखें नहीं खुल रही हैंl कांग्रेस सरकार का सत्ता में आने के लिए हिमाचल प्रदेश में कर्मचारी अधिकारी वर्ग का बहुमूल्य योगदान रहा था। एक प्रेस नोट में डॉक्टर गुलेरिया देते हुए बताया कि कर्मचारियों के वित्तीय लाभ डकारने के इरादे से लाया गया 'कर्मचारी एक्ट 2024' पूरी तरह असंवैधानिक था। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बीते 26 अप्रैल 2026 को 450 याचिकाओं पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इस काले कानून को रद्द कर दिया और सरकार को तुरंत सभी अनुबंध लाभ देने के निर्देश दिए थे लेकिन सरकार अपनी हार से सबक लेने को तैयार ही नहीं है।डाक्टर संजीव गुलेरीया ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के हजारों करोड़ रुपये दबाने के लिए सुक्खू सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में 'स्टे' लेने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का दोगला चरित्र सब के सामने है, एक तरफ सरकार pखजाना खाली होने का रोना रोकर रिटायर्ड कर्मचारियों को ठेंगा दिखा रही है, और दूसरी तरफ अपनों पर मेहरबानी, देश के महंगे वकीलों को उपकृत करने और उनकी जेबें भरने के लिए जनता की गाढ़ी कमाई से करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं।
"यह सीधे तौर पर जनता के पैसे का दुरुपयोग और चहेते वकीलों को फायदा पहुंचाने का बड़ा खेल है।"
डॉ. संजीव गुलेरिया ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकार कर्मचारियों के सब्र का इम्तिहान न ले। अगर कोर्ट के फैसले को लागू करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट जाकर कर्मचारियों के पेट पर लात मारी गई पूरे प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर्स सड़कों पर उतरकर सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।

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