पालमपुर के डॉ. विकास राणा का कांगड़ा के 'मुर्रा' स्मारकों पर पंजाब विश्वविद्यालय का बड़ा अंतरराष्ट्रीय शोध
पालमपुर के डॉ. विकास राणा का कांगड़ा के 'मुर्रा' स्मारकों पर पंजाब विश्वविद्यालय का बड़ा अंतरराष्ट्रीय शोध अंतर्राष्ट्रीय जर्नल स्प्रिंगर नेचर में मिला स्थान, 45 गांवों के जमीनी अध्ययन के बाद 'प्लेस मेमोरी' का भारतीय मॉडल तैयार वीरों-राजाओं से इतर आम लोक-स्मृति को सहेजती हैं हिमाचल की स्मारक शिलाएं, पालमपुर हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है। पंजाब विश्वविद्यालय (चंडीगढ़) के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो डॉ. विकास राणा के एक महत्वपूर्ण शोध को प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय जर्नल SN Social Sciences (Springer Nature) में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है। डॉ. रजनी देवी (जीएनए यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा) के सह-लेखन में तैयार इस शोध पत्र का शीर्षक "न्यू परस्पेक्टिव ऑन प्लेस एंड सोशल मेमोरी: एन इंटरडिसिप्लिनरी स्टडी बेस्ड ऑन मेमोरियल स्टोन कल्चरल हेरिटेज" है। यह शोध मुख्य रूप से हिमाचल के कांगड़ा जिले में पाई जाने वाली लोक स्मारक शिलाओं, जिन्हें स्थानीय भाषा मे...