साधना के द्वारा शारीरिक मानसिक और आत्मिक उन्नति प्राप्त होती है :- साध्वी ज्योत्सना भारती
साधना के द्वारा शारीरिक मानसिक और आत्मिक उन्नति प्राप्त होती है :- साध्वी ज्योत्सना भारती
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के "आरोग्य प्रकल्प" के अंतर्गत “विलक्षण योग एवं साधना शिविर” का आयोजन नूरपुर क्षेत्र में किया गयाl यह आयोजन में अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन व आध्यात्मिक उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। यह शिविर न केवल शारीरिक और मानसिक आरोग्य का संगम बना, बल्कि आत्मिक उन्नति की दिशा में साधकों के लिए प्रेरणा का अद्भुत स्रोत सिद्ध हुआ।इस कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक एवं संचालक परम पूज्य आशुतोष महाराज को नमन करते हुए, उपस्थित साधकगण ने गुरु चरणों में अपनी विनम्र श्रद्धा अर्पित की।इसी अवसर पर गुरुदेव आशुतोष साध्वी ज्योत्सना भारती ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में साधना के महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा—“वर्तमान युग में मनुष्य बाह्य सुख-सुविधाओं की खोज में इतना व्यस्त है कि अपने अंतरात्मिक स्वास्थ्य को भूल चुका है। योग और ध्यान साधना ही वह मार्ग है जो मनुष्य को न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि उसे जीवन के वास्तविक उद्देश्य से भी जोड़ता है।शिविर के अंतिम सत्र में स्वामी हरीशानंद ने गुरु वंदना प्रस्तुत करते हुए साधना के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों पक्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा— “सच्चा योग वह है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करे। गुरु कृपा से प्राप्त ब्रह्मज्ञान के बिना साधना अधूरी है। जब साधक गुरु कृपा से आत्मसाक्षात्कार करता है, तभी वह आरोग्य और आनंद के वास्तविक अर्थ को जान पाता है।”इस अवसर पर आरोग्य प्रकल्प के तहत उपस्थित साधकों को व्यावहारिक योगाभ्यास, प्राणायाम एवं ध्यान के विविध चरणों का अनुभव कराया गया, जिससे उन्हें जीवन में अनुशासन और आंतरिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा मिली।अंत में संपूर्ण संगत ने गुरु महाराज आशुतोष के चरणों में प्रणाम अर्पित करते हुए यही प्रार्थना की कि कार्यक्रम का समापन गुरुदेव की पावन आरती एवं शांति पाठ के साथ हुआ l जहाँ समस्त संगत ने एक स्वर में “विश्व कल्याण एवं मानवता के उत्थान” का संकल्प लिया।कार्यक्रम में सभी के लिए भंडारे का आयोजन किया गया

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