आईआईटी मंडी में ‘एससीईई समर्थ्य 2026’ का आयोजन, शोध और नवाचार को मिलेगा नया मंच

 आईआईटी मंडी में ‘एससीईई समर्थ्य 2026’ का आयोजन, शोध और नवाचार को मिलेगा नया मंच


मंडी : अजय सूर्या /

 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के स्कूल ऑफ कम्प्यूटिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (एससीईई) द्वारा ‘एससीईई समर्थ्य 2026’ के तीसरे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय यह शोध संगोष्ठी 14 और 15 मार्च 2026 को आईआईटी मंडी परिसर में आयोजित होगी।

यह संगोष्ठी विशेष रूप से पीएचडी शोधार्थियों और शोध छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगी, जहां वे पोस्टर प्रस्तुति के माध्यम से अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान के भीतर ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा विभिन्न विषयों के बीच अकादमिक संवाद को प्रोत्साहित करना है।

संगोष्ठी में एससीईई के अंतर्गत संचालित विभिन्न शोध क्षेत्रों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें इंटेलिजेंट सिस्टम्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंट कम्युनिकेशन सिस्टम्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड ड्राइव्स, कंट्रोल एंड ऑटोमेशन तथा वीएलएसआई एंड डिजिटल टेक्नोलॉजीज जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रिसर्च पोस्टर प्रदर्शनी होगी, जिसमें शोधार्थी अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे और संकाय सदस्यों, छात्रों तथा अन्य शोधकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। संकाय सदस्यों का एक पैनल इन पोस्टर प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करेगा और उत्कृष्ट शोध योगदान व नवाचारपूर्ण विचारों के लिए ‘बेस्ट पोस्टर अवॉर्ड’ प्रदान किए जाएंगे।

इस पहल पर बोलते हुए लक्ष्मीधर बेहरा, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी ने कहा कि एससीईई समर्थ्य का तीसरा संस्करण युवा शोधार्थियों के बीच मजबूत शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच शोधार्थियों को अपने कार्य प्रस्तुत करने और सार्थक अकादमिक चर्चाओं में भाग लेने का अवसर प्रदान करते हैं, जो नवाचार और विकास के नए मानक स्थापित करने में सहायक होते हैं।

वहीं एससीईई के चेयरपर्सन आदित्य निगम ने कहा कि सहयोग और संवाद के माध्यम से शोध और अधिक सशक्त बनता है। उन्होंने बताया कि एससीईई समर्थ्य 2026 के माध्यम से युवा शोधार्थियों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने, महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया प्राप्त करने और नए अकादमिक संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा।

अकादमिक गतिविधियों के अलावा इस संगोष्ठी में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें सांस्कृतिक संध्या, मूवी स्क्रीनिंग और सामुदायिक रात्रिभोज शामिल हैं, जिनमें छात्र और संकाय सदस्य अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

इस प्रकार की पहल के माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी शोध उत्कृष्टता, नवाचार और अंतर्विषयी सहयोग को बढ़ावा देते हुए अपने जीवंत अकादमिक वातावरण को और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

10वीं ,12वीं ,ग्रेजुएट इच्छुक आवेदक करें आवेदन

सरकार बदलते ही सरकारी स्कूलों में बैग आबंटन पर रोक लगा दी

नशीले पदार्थों पर टैक्स में वृद्धि करने की मांग को लेकर उपायुक्त चम्बा डीसी राणा के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया

ज्वाली: विवाहिता ने निगला जहरीला पदार्थ, गंभीर हालत में टांडा रैफर

कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कल सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे

भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: कांगड़ा जिला में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

90-90 मीटर के छक्के लगा रहे वैभव सूर्यवंशी, लगा ये सनसनीखेज आरोप

चंबा में सदवां के ट्रैक्टर मैकेनिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

हरसर देहरी की लड़की ने हाड़ा में खुद की वीडियो पर लिया यूं टर्न,कहा डिप्रेशन में बनाई थी वीडियो

वजीर राम सिंह राजकीय महाविद्यालय देहरी में लगी आग