ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की पंचायत मैरा में शहीद लखवीर सिंह की शहादत को नम आंखों से याद किया गया
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की पंचायत मैरा में शहीद लखवीर सिंह की शहादत को नम आंखों से याद किया गया।
ज्वाली : राजेश कतनौरिया /
ग्राम पंचायत भवन मैरा के प्रांगण में 11 मार्च 2014 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में माओवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए वीर सपूत लखवीर सिंह का शहीदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से तहसीलदार ज्वाली विनोद टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं ग्रुप केंद्र केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पिंजौर से एचसी दविंदर सिंह भी शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
इस दौरान शहीद के परिजन, गांववासी और क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर वीर सपूत को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते नजर आए। माहौल “शहीद लखवीर सिंह अमर रहे” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।
बताया जाता है कि शहीद लखवीर सिंह ने पैरा कमांडो के रूप में देश की सेवा करते हुए अच्छा नाम कमाया और वर्ष 2010 में सेवानिवृत्त हुए थे। लेकिन उनके भीतर देश सेवा का जज्बा इतना प्रबल था कि 2011 में उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ज्वाइन कर ली।
11 मार्च 2014 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के टिंगपाल क्षेत्र में ओपनिंग ड्यूटी के दौरान जवानों की टुकड़ी आगे बढ़ ही रही थी कि घात लगाकर बैठे माओवादी उग्रवादियों ने चारों ओर से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। रास्तों में आईईडी जैसे घातक विस्फोटक लगाए गए थे। विपरीत हालात के बावजूद जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मोर्चा संभाले रखा, लेकिन इसी मुठभेड़ में ज्वाली का यह वीर योद्धा देश के लिए शहीद हो गया।
हालांकि इस मौके पर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तहसीलदार ज्वाली विनोद टंडन ने कहा कि देश की सुरक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। हम जो चैन की जिंदगी जी रहे हैं, वह हमारे वीर सैनिकों के बलिदान का ही परिणाम है। जब पूरा देश सो रहा होता है, तब हमारे जवान कड़कती धूप और ठिठुरती ठंड में अपनी जान हथेली पर रखकर सीमा की रक्षा करते हैं।
अंत में शहीद लखवीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। “शहीद लखवीर सिंह अमर रहे” के नारों और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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