200 सालों से मनाया जा रहा सल्याणा का ऐतिहासिक छिंज मेला पंचरुखी क्षेत्र की पहचान- याविंद्र गोमा
200 सालों से मनाया जा रहा सल्याणा का ऐतिहासिक छिंज मेला पंचरुखी क्षेत्र की पहचान- याविंद्र गोमा
पंचरुखी क्षेत्र की जनता को दी बधाई, शोभा यात्रा के साथ किया छिंज का शुभारंभ
पंचरुखी
पंचरुखी का ऐतिहासिक राज्य स्तरीय सल्याणा छिंज करीब 200 सालों से लगातार मनाया जा रहा है। यह मेला इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान है और लोग इस मेले का बेसब्री से इंतजार करते हैं। आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा कानून मंत्री यादविंद्र गोमा ने यह बात कही। उन्होंने स्थानीय लोगों को मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य स्तरीय मेले को उत्कृष्ट बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
वह आज इस मेले के शुभारंभ मौके पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने मेले की शोभायात्रा में भाग लिया। उसके बाद मेले के लिए बनाए गए अखाड़ा में उन्होंने कुश्तियों का शुभारंभ किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मैदान को बनाने और चौड़ा करने के लिए लाखों रुपए की धनराशि खर्च की है। इसी कड़ी में अखाड़ा को भी नया रूप प्रदान किया गया है ताकि छिंज को और बेहतर स्वरूप प्रदान किया जा सके।
उन्होंने स्थानीय लोगों से मेले में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने मेले में लगाई गई सरकारी विभागों की प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने आयोजन स्थल का भी दौरा किया और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न मामलों पर चर्चा की।
उन्होंने सल्याणा में पूजा अर्चना कर रीति रिवाजों को पूर्ण किया और झंडा रस्म को निभाया।
कार्यक्रम के शुभारंभ मौके पर विभिन्न स्थानीय लोगों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस दौरान मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम पालमपुर डॉ. ओपी यादव, बीसीसी अध्यक्ष जसवंत डडवाल, तहसीलदार पंचरुखी अभिषेक भास्कर, बीडीओ पंचरुखी मनीष कुमार, लंबागांव बीडीओ सिकंदर कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय नेता और पार्टी कार्यकर्ता सहित स्थानीय लोग भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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