चंगर की ' प्रेक्षा ' ने पहले सैनिक स्कूल की परीक्षा और अब नवोदय विद्यालय में मारी बाजी
चंगर की ' प्रेक्षा ' ने पहले सैनिक स्कूल की परीक्षा और अब नवोदय विद्यालय में मारी बाजी
शाहपुर : जनक पटियाल /
चंगर क्षेत्र की प्रेक्षा, कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो , तो ग्रामीण पृष्ठभूमि की बाधाएं भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती । कांगड़ा के चंगर क्षेत्र स्थित सरस्वती राजमंदिर (एसआरएम )स्कूल हारचकियां की होनहार छात्रा प्रेक्षा चौधरी ने अपनी मेहनत से इस बार इस बात को सच कर दी दिखाया है। प्रेक्षा ने वर्ष 2026 की जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है । गौर करने की बात यह है कि प्रेक्षा की यह सफलता कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि उनकी निरंतर मेहनत का परिणाम है। प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है इससे पहले प्रेक्षा अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुकी है। साथ ही प्रदेश स्तरीय ब्रेन ऑफ हिमाचल प्रतियोगिता में भी मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया । गुब्बर गांव की रहने वाली प्रेक्षा के पिता संजीव कुमार एक हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं और माता संयोगिता स्वयं एक शिक्षिका है। प्रेक्षा अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और स्कूल के शिक्षकों के अनुशासन को देती है। उसका मानना है की नियमित अध्ययन और समय का सही प्रबंधन ही किसी भी बड़ी परीक्षा को पास करने की कुंजी है । स्कूल के प्रबंधक निर्देशक संजय कुमार और मुख्य अध्यापिका मीनाक्षी गुलेरिया ने प्रेक्षा के अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटी का इस तरह की परीक्षाओं में चमकना अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक मिसाल है। उन्होंने प्रेक्षा के उज्जवल भविष्य की कामना की हैं ।

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