पुलिस बल में बंपर भर्ती और महिलाओं को प्राथमिकता
पुलिस बल में बंपर भर्ती और महिलाओं को प्राथमिकता
शिमला : गायत्री गर्ग /
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में अपनी सरकार का चौथा बजट पेश करते हुए राज्य के भविष्य का एक महत्वाकांक्षी खाका (रोडमैप) प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मुख्य ध्येय वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है।
यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें राज्य की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।
नशे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' और सुरक्षा पर जोर
प्रदेश में बढ़ते नशे (चिट्टे) के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है। बजट की मुख्य घोषणाएं इस प्रकार हैं:
1,000 कांस्टेबलों की भर्ती: कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए 1,000 नए पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी।
पदोन्नति के अवसर: पुलिसकर्मियों के करियर ग्राफ को सुधारने के लिए कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत करने का प्रावधान किया गया है।
महिला सशक्तिकरण: पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 50 महिला सब-इंस्पेक्टरों की सीधी भर्ती की जाएगी।
पदों का विस्तार: सुरक्षा तंत्र को पुख्ता करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 1,000 अन्य पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। साथ ही, एसपीओ (SPO) की सेवाओं का विस्तार अब अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी किया जाएगा।
युवाओं और विकास को समर्पित बजट
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने संबोधन में संदेश दिया कि राज्य सरकार न केवल युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि सामाजिक व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को लेकर भी पूरी तरह गंभीर है। 2032 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन के विकास पर समान रूप से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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