युवाओं, किसानों और महिलाओं को सशक्त करेगा हिमाचल का बजट : मलेंद्र राजन
युवाओं, किसानों और महिलाओं को सशक्त करेगा हिमाचल का बजट : मलेंद्र राजन
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर हिमाचल प्रदेश सरकार के बजट 2026–27 को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत एक दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी बजट बताते हुए इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के संतुलित, समग्र और जनहितकारी विकास की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
मलेंद्र राजन ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने विशेष प्राथमिकता दी है। कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचे और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार हेतु बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कांगड़ा के ढगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, कृषि और आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु पुलिस विभाग में 1000 कांस्टेबल और 50 महिला इंस्पेक्टर की सीधी भर्ती की घोषणा की गई है। “खेलो हिमाचल चिट्टा मुक्त अभियान” के अंतर्गत 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 50,000 युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र के लिए 9660 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 75 से कम छात्रों वाले कॉलेजों के विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। साथ ही, कॉलेजों में सेमेस्टर प्रणाली लागू की जाएगी और अगले वर्ष 150 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का लक्ष्य रखा गया है।
सामाजिक सुरक्षा के तहत पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। बीपीएल परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी तथा शोषण पीड़ित महिलाओं के लिए “स्वाभिमान योजना” शुरू की जाएगी। महिलाओं के लिए संपत्ति पंजीकरण शुल्क को 8 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करना एक सराहनीय पहल है।कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती उत्पादों के समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है। गेहूं का एमएसपी 60 से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो, मक्की 40 से 50 रुपये, हल्दी 90 से 150 रुपये प्रति किलो तथा अदरक के लिए पहली बार 30 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। दुग्ध उत्पादकों के हित में गाय के दूध का मूल्य 51 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 61 से 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। राज्य में दूध खरीद 4 करोड़ लीटर से बढ़कर 8 करोड़ लीटर होने का उल्लेख भी इस बजट की उपलब्धि को दर्शाता है।
मलेंद्र राजन ने कहा कि यह बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है, जो “जनकल्याण और वित्तीय अनुशासन” के संतुलन के साथ हिमाचल प्रदेश के सतत एवं समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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