“शहीदी दिवस पर नूरपुर में 421 लोगों ने किया रक्तदान"
“शहीदी दिवस पर नूरपुर में 421 लोगों ने किया रक्तदान"
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर हर साल की तरह इस साल भी शहीदी दिवस के पावन अवसर पर नूरपुर की धरती ने सेवा व समर्पण और देशभक्ति का अनूठा आज एक l उदाहरण प्रस्तुत किया। राणा फार्म, बौढ (नूरपुर) में नूरपुर ब्लड डोनर्स क्लब द्वारा आयोजित राणा फॉर्म बौढ( नूरपुर )रक्तदान शिविर में 421 लोगों ने स्वेच्छा से भाग लेकर रक्तदान कर मानवता की मिसाल कायम की और शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम का शुभारंभ एसडीएम अरुण शर्मा द्वारा किया गया जबकि इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अमर शहीद कमांडो जतिन धीमान की माता ने की। इस अवसर पर मुख्यातिथि व संस्था के सदस्यों द्वारा शहीदों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गयाl रक्तदानियों की लंबी कतारें लगनीआज सुबह से शुरू हो गई। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, वहीं महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। शिविर में कुल 21 महिलाओं ने रक्तदान कर समाज को प्रेरणादायक संदेश दिया।रक्तदानियों की सुविधा के लिए फ्रूट, जूस, कॉफी, पानी और जलेबी के स्टॉल लगाए गए थे, साथ ही सभी के लिए भोजन की भी उत्तम व्यवस्था की गई थी। आयोजन में हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे यह शिविर एक आदर्श आयोजन बनकर सामने आया।इस अवसर पर एसडीएम अरुण शर्मा ने नूरपुर ब्लड डोनर्स क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का रक्तदान के लिए आगे आना समाज की जागरूकता और सेवा भावना को दर्शाता है। इस अवसर पर नूरपुर ब्लड डोनर्स क्लब के अध्यक्ष राजीव पठानिया ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि यह सीधे किसी को जीवन देता है। आज शहीदी दिवस पर मिला यह अपार सहयोग दर्शाता है कि हमारा समाज जागरूक और संवेदनशील है। उन्होंने सभी से आग्रह है कि हर स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान को अपनी जिम्मेदारी बनाए—यही मानवता और शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने बताया कि यह संस्था का 43वां रक्तदान शिविर था। दिसंबर 2015 में स्थापित इस संस्था द्वारा अब तक 10500 से अधिक यूनिट्स रक्त समाज के लिए एकत्रित किया जा चुका है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने आज के सफल और भव्य आयोजन का श्रेय नूरपुर की युवा शक्ति को दिया।शिविर में टांडा मेडिकल कॉलेज की टीम ने 161और सिविल अस्पताल पठानकोट की टीम ने 260 यूनिट्स एकत्रित किए। अंत में राजीव पठानिया ने सभी सहयोगियों और रक्तदानियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

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