पालमपुर में पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर का संपन्न
पालमपुर में पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर का संपन्न
आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में उभरेगी मशरूम की खेती
पालमपुर, उद्यान विभाग के मशरूम डेवलपमेंट सेंटर, पालमपुर में आयोजित पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। 9 मार्च से 13 मार्च तक चले इस विशेष शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों—कांगड़ा, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर और ऊना से आए कुल 40 प्रगतिशील किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 33 पुरुष और 7 महिला प्रशिक्षु शामिल रहे।
समापन समारोह के अवसर पर परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. शशि पाल अत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. शशि पाल अत्री ने मशरूम उत्पादन को किसानों की आजीविका के लिए एक बेहतरीन और लाभप्रद विकल्प बताया। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे मशरूम की खेती को केवल स्वरोजगार तक सीमित न रखें, बल्कि इसे एक बड़े उद्यम के रूप में विकसित कर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। डॉ. अत्री ने विशेष रूप से प्राकृतिक उत्पादन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया ताकि भविष्य में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादों की मांग को पूरा किया जा सके।
शिविर के दौरान मशरूम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के विषय वाद विशेषज्ञ डॉ. हितेंद्र पटियाल ने किसानों को मशरूम की खेती शुरू करने की बारीकियों, आधुनिक तकनीकों और प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों को मशरूम की विभिन्न किस्मों और उनके व्यावसायिक लाभ से अवगत कराया गया।
इस समापन अवसर पर उद्यान विभाग के उद्यान विकास अधिकारी डॉ. राजेश पटियाल, डॉ. हितेश ठाकुर और उद्यान प्रसार अधिकारी किरण सहित विभाग के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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