HPBOSE परीक्षाओं में प्रदेशभर से दो लाख से अधिक छात्र शामिल, 2800 परीक्षा केंद्र बनाए गए : डॉ. राजेश शर्मा
HPBOSE परीक्षाओं में प्रदेशभर से दो लाख से अधिक छात्र शामिल, 2800 परीक्षा केंद्र बनाए गए : डॉ. राजेश शर्मा
शिमला : गायत्री गर्ग /
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की चल रही परीक्षाओं में राज्यभर में दो लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। बोर्ड अपने कामकाज में आधुनिकीकरण और डिजिटाइजेशन की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। यह जानकारी बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा ने शुक्रवार को दी।
डॉ. शर्मा शिमला के ऐतिहासिक पोर्टमोर गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने के baad kaha । वह इन दिनों राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 2800 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं ताकि हर छात्र को परीक्षा देने का अवसर मिल सके, भले ही किसी क्षेत्र में छात्रों की संख्या कम ही क्यों न हो।
डॉ. राजेश शर्मा, चेयरमैन, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (साउंडबाइट):
“इस समय हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं और यह हर बच्चे के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि इसी आधार पर आगे उनका करियर तय होता है। पूरे प्रदेश में करीब दो लाख छात्र परीक्षा में बैठ रहे हैं और लगभग 2800 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां छात्रों की संख्या कम भी है, वहां भी हमने व्यवस्था की है ताकि हर बच्चे को परीक्षा देने का अवसर मिल सके।”
उन्होंने बताया कि उन्होंने निरीक्षण की शुरुआत राज्य की राजधानी शिमला से की और पोर्टमोर स्कूल में की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि बोर्ड तकनीक आधारित व्यवस्था अपनाकर परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में काम कर रहा है तथा दिव्यांग छात्रो लिए अलग कक्ष बनाए गए हैं ताकि वे आराम से परीक्षा दे सकें। बोर्ड का उद्देश्य है कि हर प्रतिभावान छात्र को निष्पक्ष अवसर मिले और नकल जैसी गतिविधियों से किसी की प्रतिभा प्रभावित न हो।
डिजिटाइजेशन पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि अब बोर्ड के सभी प्रमाणपत्र और दस्तावेज डिजिलॉकर सहित अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।
डिजिटाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब छात्रों को प्रमाणपत्र के लिए बोर्ड कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। चाहे आठवीं का प्रमाणपत्र हो या दसवीं का, छात्र ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर उसे डाउनलोड कर सकते हैं। इससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।”
उन्होंने बताया कि छात्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम में नशा विरोधी अध्याय भी जोड़ा गया है।इसके अतिरिक्त आने वाले एकेडमिक सेशन में हमसभ्यता और संस्कारों को ध्यान में रखते हुए एक और चैप्टर जोड़ेंगे जिसमेंहिमाचल प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी पुराने लोगों को मिलाकर इतिहास कोएक चैप्टर के रूप में दर्शाया जाएगा ताकिशिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सभ्यता थीशिक्षा के रूप में छात्रों को प्राप्त हो सके

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