PHC दुराना में डॉक्टर की कमी से ग्रामीणों में रोष, चक्का जाम की चेतावनी
PHC दुराना में डॉक्टर की कमी से ग्रामीणों में रोष, चक्का जाम की चेतावनी
नगरोटा सूरियां (प्रेम स्वरूप शर्मा): विधानसभा क्षेत्र ज्वाली के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) दुराना में स्थाई डॉक्टर की तैनाती न होने और नियुक्त डॉक्टर की बार-बार खंड चिकित्सालय नगरोटा सूरियां में प्रतिनियुक्ति (Deputation) किए जाने से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की इस अनदेखी के कारण पंचायतों के हजारों लोगों का स्वास्थ्य राम भरोसे है।
मुख्य बिंदु:
फार्मासिस्ट के सहारे केंद्र: PHC दुराना में नियुक्त डॉक्टर का अधिकतर समय नगरोटा सूरियां में बीतता है, जिससे यहां की ओपीडी का जिम्मा मात्र एक फार्मासिस्ट के कंधों पर छोड़ दिया गया है।
प्रभावित क्षेत्र: इस अव्यवस्था से ग्राम पंचायत डोल, भटहेड़, पधर, हारचकिंयां, ठहेड़, नढोली और धेवा के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इलाज के लिए भटक रहे लोग: लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी लंबी दूरी तय कर निजी या अन्य सरकारी अस्पतालों में जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रशासन को अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति को तुरंत रद्द कर उन्हें स्थायी रूप से दुराना में तैनात नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
"अगर जल्द ही सेवाएं नियमित नहीं की गईं, तो PHC दुराना के बाहर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और खंड चिकित्सा अधिकारी की होगी।" साधू राम राणा व अन्य जनप्रतिनिधि
इस विरोध प्रदर्शन की चेतावनी देने वालों में पूर्व पंचायत समिति सदस्य कुसुम, पूर्व प्रधान शालू, पूर्व उपप्रधान चुनीं लाल, महिला मंडल प्रधान रीता शर्मा, रीटा राणा, सेवानिवृत्त मुख्य शिक्षक चैन सिंह, कैप्टन रशपाल राणा, जोगिंदर सिंह, मदन राणा और कैप्टन करनैल चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।

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