कुल्लू के थैला क्षेत्र में अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त; राज्य सरकार और निजी प्रतिवादियों को नोटिस जारी
कुल्लू के थैला क्षेत्र में अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त; राज्य सरकार और निजी प्रतिवादियों को नोटिस जारी
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू जिले की भुंतर तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव थैला में हो रहे अवैध खनन और विस्फोटों पर कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बी.सी. नेगी की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर एक याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य सरकार सहित निजी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मामले की मुख्य बातें:
याचिकाकर्ता: यह याचिका तेजा सिंह और गंभीर सिंह द्वारा दायर की गई है।
आरोप: याचिकाकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र में स्लेट निकालने के लिए अवैध खनन किया जा रहा है और भारी विस्फोटकों का उपयोग कर गहरी सुरंगें खोदी जा रही हैं।
प्रभावित क्षेत्र: इस अवैध गतिविधि के कारण नीनू, जेष्टा, अशानी और पुइन गाँवों के ग्रामीण बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासनिक विफलता पर सवाल
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंडल वन अधिकारी (DFO), थैला द्वारा 4 सितंबर 2024 को निजी प्रतिवादियों—भूपेंद्र सिंह, नरेश कुमार और दीन दयाल—के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद, स्थानीय लोगों की शिकायतों और कानूनी कार्रवाई के बाद भी मौके पर अवैध खनन बेधड़क जारी है और दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कोर्ट की टिप्पणी: हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यद्यपि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन यदि राज्य सरकार को प्राप्त शिकायतों पर कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता महसूस होती है, तो इस याचिका का लंबित होना सरकार को कार्रवाई करने से नहीं रोकेगा।
अगला कदम
न्यायालय ने निजी प्रतिवादियों को भी अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। मामले की आगामी सुनवाई में सरकार को अवैध खनन रोकने के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा देना होगा।

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