“ट्रिपल ‘एस’ से ‘सेवन एस’ तक : प्रदेश को संकट में धकेल रही सुक्खू सरकार”: विश्व चक्षु
“ट्रिपल ‘एस’ से ‘सेवन एस’ तक : प्रदेश को संकट में धकेल रही सुक्खू सरकार”: विश्व चक्षु
धर्मशाला हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे विकास विरोधी और दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली को "ट्रिपल 'एस'" यानी सेल्फिश, स्कीम-लेस और शेमलेस की संज्ञा देते हुए कहा कि यह शासन अब 'सेवन एस' (सेल्फिश, स्कीम-लेस, शेम-लेस , स्टैंड-लेस, सस्पेक्ट, स्लो और स्पीच-लेस) के जाल में फंसकर प्रदेश को गहरे संकट की ओर धकेल रहा है। विश्व चक्षु ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार पूरी तरह से स्टैंड-लेस हो चुकी है, जिसकी नीतियों में न तो कोई स्पष्टता है और न ही भविष्य के लिए कोई ठोस विजन, जिसके कारण बार-बार निर्णय बदले जा रहे हैं और प्रदेश में प्रशासनिक अस्थिरता का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह से सस्पेक्ट (संदिग्ध) हो चुका है, जहाँ एक ओर प्रदेश पर कर्ज का बोझ हिमालय की तरह बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। भाजपा नेता ने दावा किया कि सरकार केवल 'स्टेटस क्वो' यानी यथास्थिति बनाए रखने में विश्वास रखती है और बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई सकारात्मक बदलाव नजर नहीं आ रहा है, जिससे सरकार की लोकप्रियता तेजी से स्लाइडिंग मोड में आ गई है और समाज का हर वर्ग आज खुद को ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहा है। सरकार के रवैये को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि जब जनता और विपक्ष ज्वलंत मुद्दों पर जवाब मांगते हैं, तो सरकार स्पीच-लेस हो जाती है और अपनी विफलताओं पर आत्ममंथन करने के बजाय शेमलेस व्यवहार अपना रही है। चक्षु ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित को ताक पर रखकर केवल अपने राजनीतिक हितों को साधने में लगी है, जिससे नई जनकल्याणकारी योजनाओं का अकाल पड़ गया है और सरकार पूरी तरह स्कीम-लेस दिखाई दे रही है। उन्होंने विकास की 'स्लो' रफ्तार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश की प्रगति ठहर गई है और सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए 'साइलेंट रणनीति' अपना रही है जो लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हिमाचल की जनता इस 'ट्रिपल एस' मॉडल की सच्चाई को समझ चुकी है और समय आने पर इस निष्क्रिय व स्वार्थी तंत्र को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें