राजकीय महाविद्यालय चम्बा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 उत्साहपूर्वक मनाया गया
राजकीय महाविद्यालय चम्बा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 उत्साहपूर्वक मनाया गया
चंबा : जितेन्द्र खन्ना /
आज राजकीय महाविद्यालय चम्बा में विज्ञान संकाय के प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, भू-विज्ञान, गणित विभाग, कंप्यूटर विज्ञान विभाग के सयुंक्त तत्वावधान में "राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026" के उपलक्ष्य पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
इस कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत प्राचार्य डॉ बिपन राठौर मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे ।
इस अवसर पर प्रश्नोत्तरी, रंगोली बनाओ, पी पी टी बनाओ, विज्ञान मॉडल, भाषण प्रतियोगिता व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
प्रतियोगिताओं का आयोजन विज्ञान सम्बंधित विभिन्न विषयों पर किया गया ।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सबका मनोरंजन किया गया ।
सर्वप्रथम मुख्यातिथि द्वारा दीप प्रजवल्लित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया गया। इसके उपरांत आयोजकों द्वारा मुख्यातिथि को बैज, टोपी, मफलर व समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय परिसर में विज्ञान के विभिन्न विभागों के पुरुष व महिला वर्ग के मध्य रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
अपने सम्बोधन में मुख्यातिथि ने कहा कि यह दिवस केवल एक वैज्ञानिक खोज का उत्सव नहीं है, बल्कि जिज्ञासा, तर्कशीलता, नवाचार और अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करने का अवसर है। विज्ञान हमें अंधविश्वास से मुक्त कर सत्य की ओर ले जाता है। यह हमारे दैनिक जीवन को सरल बनाता है, राष्ट्र की प्रगति को गति देता है और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विज्ञान से होने वाले लाभों के प्रति समाज में जागरूकता लाने और वैज्ञानिक सोच पैदा करने के उद्देश्य से हर साल 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस भारत में मनाया जाता है।
आज के युग में विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं। विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों के लिए यह दिन प्रेरणा का स्रोत है कि वे प्रश्न पूछें, प्रयोग करें और नई खोजों के माध्यम से देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दें।
विज्ञान का हमारे जीवन में विशेष महत्व है । पुरातन काल से आधुनिक समय तक विज्ञान की अनंत उपलब्धियां रही हैं जो हमारे विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं । समय व विज्ञान के साथ हो रहे अभूतपूर्व विकास के साथ आज ज़रूरत है हमें अपने मूल्यों व संस्कृति को भी संजो कर रखें तथा राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाएं । विज्ञान के क्षेत्र में कुछ सृजनात्मक करें, सकारात्मक करें ताकि अपने परिवार, क्षेत्र, संस्थान का नाम रोशन हो सके । उन्होंने विज्ञान के विभिन्न अविष्कारों, चमत्कारों, उपलब्धियों की पर विस्तार पूर्वक चर्चा की ।
निर्णायकों के अंतिम निर्णय के अनुसार भाषण प्रतियोगिता में पवित्रा राणा प्रथम, याशिका द्वितीय;
रंगोली बनाओ प्रतियोगिता में क्रमश: स्नेहा प्रथम, पूर्णिमा द्वितीय ;
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में: अक्षय, तुषार और रुपाली की टीम प्रथम, पंकज, रोहित और साहिल की टीम द्वितीय ;
विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में:ऐशना, भूमिका, कृतिका और इशिका की टीम प्रथम, कृति और अक्षय की टीम द्वितीय
विज्ञान पी पी टी प्रस्तुति प्रतियोगिता में: श्रेया प्रथम, अक्षय द्वितीय रहे ।
सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्यातिथि द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया ।
इस दौरान प्रोफेसर सपना बक्शी, डॉ मनेश, डॉ चमन सिंह डॉ पूनम, प्रो सुमित, प्रो अविनाश, डॉ शैली महाजन, डॉ विदुषी, डॉ याशिका, प्रोफेसर सचिन भारद्वाज, डॉ तेज सिंह, प्रोफेसर नवनीत, डॉ पंकज, प्रोफेसर सचिन खारपा, प्रोफेसर गौरव, प्रोफेसर मणिराज, डॉ शिवानी, डॉ सुनील, प्रोफेसर अशोक, प्रोफेसर सचिन ठाकुर, प्रोफेसर अंजना , प्रोफ़ेसर निशा इत्यादि मौजूद रहे ।

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