गोहर में कचरे का ढेर बना पीलिया का खतरा, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग
गोहर में कचरे का ढेर बना पीलिया का खतरा, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग
नेरचौक : अजय सूर्या /
मंडी जिला के गोहर उपमंडल में फैल रही पीलिया की बीमारी को लेकर समाजसेवी एवं राजनीतिक कार्यकर्ता राकेश कुमार ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अनियोजित शहरीकरण और खुले में कचरा फेंकने की बढ़ती समस्या के कारण हालात चिंताजनक बनते जा रहे हैं।
राकेश कुमार के अनुसार चैल चौक, गणई, बासा और गोहर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही आबादी और निर्माण कार्यों के बावजूद कचरा प्रबंधन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। नालों, गलियों और खड्डों में खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है, जिससे पेयजल स्रोत भी दूषित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि गोहर बस स्टैंड, गणई चौक, हनुमान मंदिर चैल चौक के आसपास तथा चैल-मोवीसेरी रोड के कोहलू मोड़ को अघोषित कूड़ा डंपिंग साइट बना दिया गया है। बाजार की दुकानों और ढाबों का कचरा भी खुले में फेंका जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी और बदबू का माहौल बना हुआ है।
राकेश कुमार ने आरोप लगाया कि कुछ होटल और चिकन कारोबारियों द्वारा भी खड्डों और नालों में कचरा फेंका जा रहा है, जो पानी के स्रोतों तक पहुंचकर पीलिया जैसी खतरनाक बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि पंचायतों को हर साल लाखों रुपये का बजट मिलता है, लेकिन सफाई और कचरा प्रबंधन के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई है। स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
राकेश कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, अवैध कचरा डंपिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कचरा प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को बीमारी और गंदगी से राहत मिल सके।

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