स्मार्ट मीटर और बिजली निजीकरण के खिलाफ जोगिंदर नगर में विशाल प्रदर्शन, हजारों लोग सड़कों पर उतरे
स्मार्ट मीटर और बिजली निजीकरण के खिलाफ जोगिंदर नगर में विशाल प्रदर्शन, हजारों लोग सड़कों पर उतरे
जोगिंदर नगर : अजय सूर्या /
स्मार्ट मीटर, बिजली संशोधन बिल 2025 और बिजली के निजीकरण के विरोध में जोगिंदर नगर क्षेत्र में हजारों लोगों का जनसैलाब सड़कों पर उतर आया। माकपा की जोगिंदर नगर कमेटी द्वारा नौ दिनों तक गांव-गांव जागरूकता जत्थे चलाने के बाद मच्छयाल में विशाल प्रदर्शन और जनसभा का आयोजन किया गया।
राज्य स्तरीय जत्थे के मच्छयाल पहुंचने से पहले माकपा जिला सचिव कुशाल भारद्वाज, लोकल कमेटी सचिव रविंदर कुमार और पार्टी नेताओं सुदर्शन वालिया, मोहन सरवाल, नरेश धरवाल, बालक राम व कालीदास ठाकुर के नेतृत्व में हजारों लोगों ने लाल झंडे और तख्तियां लेकर मच्छयाल में विशाल जुलूस निकाला। इस दौरान माकपा के राष्ट्रीय नेता डॉ. विक्रम सिंह, राज्य सचिव संजय चौहान और वरिष्ठ नेता राकेश सिंघा के नेतृत्व में चल रहे राज्य स्तरीय जत्थे का खुद्दर में जोरदार स्वागत किया गया और नारों के बीच जुलूस के साथ मच्छयाल मैदान तक लाया गया।
जोगिंदर नगर में स्मार्ट मीटर और बिजली के निजीकरण का मुद्दा प्रमुख बन चुका है और प्रदर्शन में इसकी गूंज स्पष्ट रूप से सुनाई दी। इसके अलावा मनरेगा की बहाली, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, पेयजल संकट, बसों की कमी और क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों के मुद्दों पर भी लोगों ने आवाज उठाई।
कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी की नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा की गई, जिसका नेतृत्व डॉ. प्रवीण जरेट और जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्षा रंजना जरेट कर रही थीं। इसके बाद आयोजित जनसभा को डॉ. विक्रम सिंह, राकेश सिंघा और कुशाल भारद्वाज ने संबोधित किया। इस दौरान मंच पर राज्य सचिव संजय चौहान, राज्य कमेटी सदस्य सुरेश सरवाल, लोकल कमेटी सचिव रविंदर कुमार और जिला कमेटी सदस्य संजय जमवाल भी मौजूद रहे।
पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार योजनाबद्ध तरीके से सार्वजनिक क्षेत्र को निजी कंपनियों के हवाले करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र को निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है और स्मार्ट मीटर उसी योजना का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) ग्रांट भी बंद कर दी है, जिससे प्रदेश की जनता को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती का खतरा पैदा हो गया है।
डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा कानून को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। नई योजनाओं के माध्यम से केंद्र अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सीमित होंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।
माकपा जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग और बिजली संशोधन बिल 2025 बिजली के निजीकरण की दिशा में उठाए गए बड़े कदम हैं। उन्होंने आरोप लगाय ा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी केंद्र के दबाव में इस योजना को लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली का निजीकरण हुआ तो बिजली बोर्ड खत्म हो जाएगा, उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी और 29 हजार से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर भी असर पड़ेगा।
उन्होंने मनरेगा की बहाली, अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती, पेयजल और बसों की कमी दूर करने तथा सड़कों की हालत सुधारने की मांग भी उठाई।
इस अवसर पर माकपा लोकल कमेटी सचिव रविंदर कुमार ने बताया कि 24 मार्च को दिल्ली में होने वाली रैली में जोगिंदर नगर से सैकड़ों लोग भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि 17 से 23 मार्च तक फिर से गांव-गांव जागरूकता जत्थे निकाले जाएंगे।

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