अहसास संस्था ने कन्या पूजन के साथ किया हिंदू नववर्ष का स्वागत,11 बच्चियों का हुआ सम्मान
अहसास संस्था ने कन्या पूजन के साथ किया हिंदू नववर्ष का स्वागत,11 बच्चियों का हुआ सम्मान
शिमला : गायत्री गर्ग /
हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर अहसास संस्था द्वारा शिमला के आर्य समाज स्कूल में पारंपरिक आस्था और संस्कृति से जुड़ा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छोटी-छोटी कन्याओं के पूजन के साथ की गई, जिसमें कुल 21 बच्चियों का विधिवत कन्या पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अहसास संस्था के सदस्य आर्य समाज स्कूल पहुंचे और हिंदू नववर्ष के पहले दिन कन्याओं को देवी स्वरूप मानते हुए उनका पूजन किया। कार्यक्रम में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का पालन करते हुए बच्चियों के चरण धोए गए, तिलक लगाया गया और उन्हें उपहार व प्रसाद भेंट किया गया।
संस्था की संस्थापक रूपा शारदा ने इस मौके पर सभी बच्चियों को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि हिंदू नववर्ष भारतीय संस्कृति में नए संकल्प, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन कन्या पूजन करने का विशेष महत्व है, क्योंकि छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप माना जाता है और उनका सम्मान करना शुभ फलदायी माना जाता है।
रूपा शारदा ने कन्या पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परंपरा समाज में नारी सम्मान, शक्ति और सृजन की भावना को सुदृढ़ करती है। उन्होंने यह भी बताया कि कन्याओं को माता की चुनरी ओढ़ाना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि यह उन्हें देवी का दर्जा देने और उनके सम्मान का प्रतीक है। चुनरी मातृत्व, सुरक्षा और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती है, जो यह संदेश देती है कि समाज में बेटियों का स्थान सर्वोपरि है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चियों और उनके अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस आयोजन के माध्यम से संस्था ने समाज में बेटी बचाओ, बेटी सम्मान और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

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