बच्चों को दिए गए संस्कार ही उनके व्यक्तित्व, भविष्य और समाज की दिशा तय करते हैं:- स्वामी विज्ञानानंद जी।
बच्चों को दिए गए संस्कार ही उनके व्यक्तित्व, भविष्य और समाज की दिशा तय करते हैं:- स्वामी विज्ञानानंद जी।
नूरपुर : विनय महाजन /
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा राम दास चिपड़ा मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय श्री हरि कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य एवं कथा व्यास स्वामी विज्ञानानंद जी ने अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायक प्रवचनों से उपस्थित संगत को भावविभोर कर दिया।
स्वामी विज्ञानानंद जी ने अपने प्रवचनों में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके भीतर नैतिक एवं आध्यात्मिक संस्कारों का विकास करना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और मोबाइल संस्कृति के कारण बच्चे भारतीय संस्कृति एवं पारिवारिक मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे समय में माता-पिता और समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों को धर्म, सेवा, विनम्रता एवं सदाचार के संस्कार दें।उन्होंने श्री हरि कथा के माध्यम से भगवान की भक्ति और जीवन मूल्यों को जोड़ते हुए कहा कि जिस परिवार में बच्चों को बचपन से ही सत्संग, भजन और संस्कारों का वातावरण मिलता है, वहां परिवार में प्रेम, शांति और सौहार्द बना रहता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का मन कोमल मिट्टी के समान होता है, जिस प्रकार के संस्कार उन्हें दिए जाते हैं, उनका भविष्य उसी दिशा में आकार लेता है।स्वामी जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि महापुरुषों और संतों के जीवन चरित्र बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यदि बच्चों को धार्मिक कथाओं और आध्यात्मिक गतिविधियों से जोड़ा जाए तो वे न केवल अच्छे नागरिक बनेंगे बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम ज्योति प्रज्वलन के साथ आरम्भ हुआ जिसके लिए डॉक्टर चिराग गुप्ता जो की 8 नंबर वार्ड से नवनिर्वाचित पार्षद हैं साथ में राकेश कांत गुप्ता,रमेश धीमान, राकेश कुमार,ऋषि डोगरा और भी सेकड़ो संगत ने विचारों का लाभ लिआ ।कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ कथा श्रवण किया। संस्थान के सेवादारों द्वारा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की गई।पांच दिवसीय श्री हरि कथा के अंतर्गत प्रतिदिन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, भक्ति और जीवन जीने की सही दिशा प्रदान की जा रही है।

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