धीये तू सुन, नुऐं तू कन कर': कर्मचारियों पर ड्रेस कोड थोपने वाली सुक्खू सरकार पहले राहुल गांधी को सिखाए 'शिष्टाचार' — त्रिलोक कपूर
धीये तू सुन, नुऐं तू कन कर': कर्मचारियों पर ड्रेस कोड थोपने वाली सुक्खू सरकार पहले राहुल गांधी को सिखाए 'शिष्टाचार' — त्रिलोक कपूर
धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए जारी किए गए नए 'ड्रेस कोड' और सोशल मीडिया प्रतिबंधों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा प्रहार किया है। भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने सरकार के इस फरमान को 'हास्यास्पद और विरोधाभासी' करार देते हुए मुख्यमंत्री पर तीखा तंज कसा है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि यह आदेश क्या राहुल गांधी के लिए 'परोक्ष' संदेश? कपूर ने कांगड़ा की प्रसिद्ध कहावत "धीये तू सुन, नुऐं तू कन कर" (बेटी को सुनाना और बहू को समझाना) का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू असल में यह नसीहत अपने शीर्ष नेता राहुल गांधी को देना चाहते हैं, लेकिन सीधे बोलने की हिम्मत न होने के कारण प्रदेश के कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रहे हैं।
"जो नियम कर्मचारियों की सादगी और गरिमा के लिए बनाए गए हैं, क्या वे राहुल गांधी पर भी लागू होंगे? जो संसद जैसे लोकतंत्र के मंदिर में टी-शर्ट पहनकर मर्यादा का मखौल उड़ाते हैं, मकर द्वार पर रील बनाते हैं और चाय पार्टी करते हुए पिकनिक जैसा माहौल पैदा करते हैं, सुक्खू सरकार पहले अपने उन 'युवराज' को पेशेवर छवि का पाठ पढ़ाए।"
उन्होंने कहा कि इस तरह के तुगलकी फरमान जारी करने से पहले सरकार को कर्मचारी संगठनों से बात करनी चाहिए थी और उन्हें विकल्प देने चाहिए थे।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक बदहाली और विकास के रुके हुए कार्यों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार अब कर्मचारियों के कपड़ों और उनके मोबाइल के पीछे छिप रही है।
त्रिलोक कपूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कार्यस्थल की गरिमा केवल कपड़ों से नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली और नीयती से तय होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री को मशविरा दिया कि वे कर्मचारियों पर नियम थोपने के बजाय अपने उन नेताओं को 'ड्रेस कोड' और 'संसदीय मर्यादा' सिखाएं, जो पूरे देश में मजाक का पात्र बनते हैं।

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