राज्यसभा कांग्रेस सांसद अनुराग शर्मा ने जिला काँगड़ा मे फोरलेन निर्माण कार्यों को लेकर राज्यसभा में मुद्दा उठाने का दिया आश्वासन
राज्यसभा कांग्रेस सांसद अनुराग शर्मा ने जिला काँगड़ा मे फोरलेन निर्माण कार्यों को लेकर राज्यसभा में मुद्दा उठाने का दिया आश्वासन
नूरपुर : विनय महाजन /
नूरपुर में वर्षों से चल रहा फोरलेन निर्माण कार्य अब स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है जिसका प्रमुख असर कारोबारीयो और पीड़ितों पर पड़ा है जो अभी तक भंवर में फंसे हुए हैं कि किधर जाएं की उधर जाएं l पिछले दिनों हुई बारिश के बाद कई लोगों के घरों तक पहुंचने वाले रास्ते बंद हो गए जिससे क्षेत्रवासियों को आवाजाही में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। समाजसेवी दीपक भारद्वाज नूरपुर ने प्रेस नोट में यह जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने इस मामले में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा से आज दिल्ली में भेंट वार्ता के दौरान यह मामला उठाया हैl उल्लेखनीय है कि दीपक भारद्वाज ने इससे पहले रेलवे चक्की पुल व कांगड़ा घाटी रेल तथा छतरोली क्षेत्र की जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को लेकर जनहित में स्थानीय मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है l उन्होंने बताया कि जब वह नूरपुर में आए थे तो रेस्ट हाउस में छतरौली क्षेत्र के पीड़ित लोगों ने अपनी समस्या के बारे में उन्हें अवगत कराया था और उस पर रेलवे विभाग ने तुरंत कार्यवाही की थी l दीपक भारद्वाज ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान किए जा रहे हाई-डेंसिटी ब्लास्टिंग से पर्यावरण और स्थानीय लोगों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्य की धीमी और अव्यवस्थित गति के कारण लोगों के लिए न केवल हाईवे बल्कि पैदल चलने के रास्ते भी बाधित हो गए हैं।उन्होंने चिंता जताई कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसी कारण वे इस मामले को लेकर राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा से मुलाकात करेंगे और उनसे इस विषय को संसद में उठाने का आग्रह करेंगे।दीपक भारद्वाज ने कहा कि कांगड़ा घाटी रेल के मुद्दे पर भी, जहां केंद्र सरकार के कई प्रतिनिधि मौन रहे, वहीं अनुराग शर्मा ने मजबूती से क्षेत्र की आवाज को रेल मंत्री तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि फोरलेन निर्माण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रभावी पहल की जाएगा l
पठानकोट-चक्की-मंडी फोरलेन क्षेत्र के विकास की बड़ी परियोजनाओं में गिनी जा रही है। लोगों ने उम्मीद की थी कि इस सड़क के बनने से सफर तेज, सुगम और सुरक्षित होगा। लेकिन कंडवाल से जसूर तक तैयार हो रहे फोरलेन के हालात देखकर अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या सड़क निर्माण एजेंसियां सुरक्षा मानकों को गंभीरता से ले भी रही हैं या नहीं? ऐसे अनेको प्रश्न जनता की जुबान पर चर्चित है कि आखिर तक कब तक जनता इस मामले में पीड़ित रहेगीl देशभर में जब भी कोई फोरलेन सड़क बनती है, तो बीच के डिवाइडर पर झाड़ीदार पौधे, एंटी-ग्लेयर स्क्रीन या लोहे के बड़े-बड़े पिल्लर लगाए जाते हैं। इसका मकसद केवल सड़क की सुंदरता बढ़ाना नहीं होता, बल्कि रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना होता है। सामने से आने वाले वाहनों की तेज हेडलाइट सीधे चालक की आंखों पर न पड़े, इसके लिए यह व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है।प्रदेश के कंडवाल से जसूर तक जिस हिस्से पर सड़क लगभग तैयार हो चुकी हैl रात के समय वाहन चालकों की आंखों पर सामने से आने वाली हाई बीम लाइट सीधी पड़ रही है, जिससे ड्राइविंग बेहद खतरनाक बनती जा रही है।रात में इस सड़क से गुजरने वाले लोग जानते हैं कि कुछ सेकंड के लिए तेज रोशनी आंखों को किस तरह अंधा कर देती है। तेज रफ्तार, हाई बीम और बिना सुरक्षा वाले डिवाइडर यह संयोजन किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकता है। चिंता की बात यह है कि सड़क तैयार होती जा रही है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम अभी भी अधूरे पड़े हैं।क्या निर्माण एजेंसियां किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही हैं? क्या करोड़ों रुपये की परियोजना में सड़क सुरक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता भी बाद में याद आएगी? विकास केवल चौड़ी सड़क बना देने से नहीं होता, विकास तब होता है जब उस सड़क पर चलने वाला व्यक्ति खुद को सुरक्षित महसूस करे।राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित निर्माण कंपनियों को तुरंत इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।
इस विषय में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने आश्वासन दिया कि दीपक भारद्वाज द्वारा पीड़ितों की समस्याओं को जनहित में राज्यसभा में उठाया जाएगा ताकी एनडीए सरकार की कांगड़ा से इस मामले में अनदेखी को लेकर एनडीए सरकार को जागरूक किया जाए

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