शब्द गुरु की महिमा को बाँध नहीं सकते, क्योंकि गुरु स्वयं असीम सत्य का स्वरूप हैं स्वामी मनजोत
शब्द गुरु की महिमा को बाँध नहीं सकते, क्योंकि गुरु स्वयं असीम सत्य का स्वरूप हैं स्वामी मनजोत
नूरपुर विनय महाजन /
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के बौड़ नूरपुर आश्रम में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुमधुर भजनों के गायन से हुआ। गुरु भाई आकाश एवं गुरु भाई सुखदेव जी ने भक्ति-रस से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को गुरु महिमा से अवगत कराया। भजनों के माध्यम से उन्होंने सद्गुरु के जीवन में महत्व एवं उनकी असीम कृपा का सुंदर वर्णन किया।सत्संग के दौरान दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी मनजोत ने गुरु महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि गुरु की महिमा का पूर्ण वर्णन करना संभव नहीं है। उन्होंने संतों के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि संपूर्ण धरती को कागज, समुद्रों को स्याही और समस्त वृक्षों को कलम बना लिया जाए, तब भी गुरु की महिमा का संपूर्ण लेखन नहीं किया जा सकता। गुरु ही वह दिव्य सत्ता हैं जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर साधक को आत्मज्ञान का प्रकाश प्रदान करती है।स्वामी जी ने संत सहजोबाई जी के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संसार रूपी भवसागर को पार करने का मार्ग गुरु ही बताते हैं। गुरु द्वारा प्रदत्त ज्ञान एवं मार्गदर्शन पर चलकर साधक अपने जीवन को सफल बनाता है तथा निरंतर गुरु कृपा का पात्र बनता है। उन्होंने कहा कि सद्गुरु का सान्निध्य मनुष्य जीवन का सर्वोच्च सौभाग्य है, क्योंकि गुरु ही जीव को उसके वास्तविक स्वरूप का बोध कराते हैं।
इस अवसर पर महात्मा योगेश जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए जीवन में ध्यान साधना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ध्यान साधना मन को एकाग्र करने, आंतरिक शांति प्राप्त करने तथा ईश्वर के साथ आत्मिक संबंध स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। नियमित ध्यान साधना से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं और उसका मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास होता है।कार्यक्रम के अंत में सभी साधकों एवं श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ध्यान साधना की तथा दिव्य गुरु आशुतोष महाराज के बताए आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें