VIP संस्कृति छोड़ो का नारा, सत्ता में दोस्ती निभाने का सहारा — कांग्रेस का असली चेहरा”- विपिन सिंह परमार

 VIP संस्कृति छोड़ो का नारा, सत्ता में दोस्ती निभाने का सहारा — कांग्रेस का असली चेहरा”- विपिन सिंह परमार


पालमपुर

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की कथनी और करनी के बीच का अंतर अब खुलकर जनता के सामने आ चुका है। एक तरफ राहुल गांधी वीआईपी संस्कृति छोड़ने और जनता से सीधे संवाद की नसीहत देते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने करीबी मित्रों और चहेतों को रेवड़ियों की तरह कैबिनेट रैंक और पद बांटकर उसी वीआईपी कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके खिलाफ भाषण दिए जा रहे हैं।

विपिन सिंह परमार ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी आज पूरी तरह से “दिखावे की राजनीति” का पर्याय बन चुकी है। कांगड़ा में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा दिए गए भाषण और वास्तविकता के बीच गहरा विरोधाभास साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सच में वीआईपी संस्कृति खत्म करना चाहती है, तो सबसे पहले अपने ही मुख्यमंत्री को आईना दिखाए, जो सत्ता का इस्तेमाल जनसेवा के बजाय अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने में कर रहे हैं।

परमार ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने “जनता प्रभारी” जैसी नई व्यवस्थाओं के नाम पर राजनीतिक नियुक्तियों का बाजार खोल दिया है। जिन लोगों का जनता से कोई सरोकार नहीं, उन्हें सिर्फ नजदीकी के आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। यह सीधे-सीधे लोकतंत्र और प्रशासनिक पारदर्शिता का मजाक है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मंच से जनता से संवाद की बात करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार जनता से पूरी तरह कट चुकी है। गांव-गांव में लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं, बेरोजगारी चरम पर है, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं और विकास कार्य ठप पड़े हैं। ऐसे में संवाद की बात करना महज एक राजनीतिक स्टंट बनकर रह गया है।

परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबा दिया है और अब उसी कर्ज को छिपाने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “विकास की रफ्तार” का जो ढोल पीटा जा रहा है, वह केवल कागजों और भाषणों तक सीमित है, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

उन्होंने आगे कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में गंभीर हैं, तो उन्हें हिमाचल के हालात का जमीनी स्तर पर आकलन करना चाहिए। उन्हें देखना चाहिए कि कैसे उनके ही मुख्यमंत्री वीआईपी संस्कृति में डूबे हुए हैं, कैसे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है और कैसे जनता को सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को “विकास के मॉडल” से हटाकर “भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद” के मॉडल में बदल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले जो गारंटियां दी गई थीं, वे आज पूरी तरह से खोखली साबित हो चुकी हैं।

परमार ने कहा कि हिमाचल की भोली-भाली जनता सब देख रही है और समय आने पर कांग्रेस को इसका करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी और कांग्रेस की हर नाकामी को उजागर करती रहेगी।

“वीआईपी संस्कृति छोड़ने की नसीहत देने वाले पहले अपने घर को ठीक करें, वरना जनता जवाब देना जानती है” — विपिन सिंह परमार

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ज्वाली: संदिग्ध परिस्थितियों में मिला वेटरनरी फार्मासिस्ट का शव, इलाके में शोक की लहर

जसूर सब्जी मंडी से 19 वर्षीय युवक के अपहरण का आरोप, हथियार के बल पर ले जाकर बेरहमी से पीटा

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमाड़ में आयोजित तीन दिवसीय जोनल स्तरीय अंडर-19 छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता का मंगलवार को शांतिपूर्वक समापन हो गया

ज्वाली के घाड़ जरोट पौंग बांध क्षेत्र में भू-माफिया का आतंक: अदालत के आदेशों को ठेंगा दिखाकर हो रही है अवैध खेती

मेले, उत्सव व त्यौहार हमारी प्राचीन संस्कृति की पहचान - डॉ. शांडिल

शिव मंदिर में भंडारे का आयोजन,रात्रि में होगा शिव नुआला।

₹155 के रिचार्ज की कोशिश में बुजुर्ग ने गंवाए 1.02 लाख, जालसाजों ने इस तरह ठगी को दिया अंजाम

ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरमाड़ मैं आज एस एम सी कमेटी का चुनाव प्रधानाचार्य अनामिका चौधरी की अध्यक्षता मैं सम्पन्न हुआ

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर किम्मन महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की लगी भीड़

बाबा राजा राम मंदिर रैहन में हुआ विशाल भंडारे का आयोजन