ज्वाली: यूजीसी बिल के खिलाफ गरमाया माहौल, शिंपू जरियाल की अगुवाई में पीएम मोदी को भेजा ज्ञापन
ज्वाली: यूजीसी बिल के खिलाफ गरमाया माहौल, शिंपू जरियाल की अगुवाई में पीएम मोदी को भेजा ज्ञापन
ज्वाली: हिमाचल प्रदेश के ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में यूजीसी (UGC) के प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। सोमवार को एकजुट भारत राजपूत सभा और स्वर्ण समाज के सदस्यों ने बीडीसी सदस्य एवं समाजसेवी जोगिंदर शिंपू जरियाल की अध्यक्षता में एक विशाल रोष प्रदर्शन किया और तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपा।
महाराणा प्रताप स्टेडियम से एसडीएम कार्यालय तक हुंकार
शांतिपूर्वक आयोजित इस रैली की शुरुआत सुबह 11 बजे महाराणा प्रताप स्टेडियम लब से हुई। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर 'भारत माता की जय' और 'यूजीसी बिल वापस लो' के नारों के साथ कैहरियां चौक से होते हुए एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च किया।
ज्ञापन में मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए प्रावधान समाज के कुछ वर्गों के हितों को प्रभावित कर सकते हैं। तहसीलदार विनोद टंडन के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि:
यूजीसी के प्रस्तावित विवादित बिल/प्रावधानों को तुरंत वापस लिया जाए।
शिक्षा नीति में बदलाव से पहले सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा जाए।
"हमारा उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुँचाना है। स्वर्ण समाज और राजपूत सभा यूजीसी के इन प्रावधानों का कड़ा विरोध करती है और मांग करती है कि जनहित में इन्हें बदला जाए।"
— जोगिंदर शिंपू जरियाल, बीडीसी सदस्य
रैली में ये रहे मौजूद
करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन में लगभग 130 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दोपहर 12 बजे रैली का शांतिपूर्ण समापन हुआ। इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
पंडित विपिन शर्मा
राजनेश्वर नीटू (कैहरियां)बीडीसी सदस्य, ग्राम पंचायत लाहडू
अमिशा शर्मा
विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि और
स्थानीय नागरिक।


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