सालों की उम्मीद को लेकर नूरपुर के मातृ-शिशु अस्पताल सियासी नजर से एक बार फिर चर्चा की घेरे में
सालों की उम्मीद को लेकर नूरपुर के मातृ-शिशु अस्पताल सियासी नजर से एक बार फिर चर्चा की घेरे में
(नूरपुर:-विनय महाजन )
नूरपुर प्रदेश का सिविल नागरिक अस्पताल नूरपुर जो सिर्फ ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि हजारों माताओं और नवजात शिशुओं की उम्मीद से जुड़ा है। नूरपुर का मातृ-शिशु अस्पताल वर्षों से इंतजार में है। शिलान्यास के बाद लंबे समय तक परियोजना राजनीतिक खींचतान और देरी के बीच अटकी रही। अब एक बार फिर इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। ऐसा अश्वासन पूर्व विधायक कांग्रेस नेता अजय महाजन में एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के समक्ष दिया हैl अस्पताल के शुरू होने से नूरपुर, फतेहपुर, इंदौरा और ज्वाली व चंबा जिला के क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है एक बार फिर ताजा हुई हैl महाजन ने कहा कि भाजपा कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा द्वारा किए गए शिलान्यास के बाद क्षेत्रवासियों ने उम्मीद लगाई थी कि माताओं और नवजात शिशुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा जल्द उपलब्ध होगी। लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद अस्पताल पूरी तरह शुरू नहीं हो सका। एक परिवार के लिए बच्चे का जन्म सबसे खुशी का पल होता है, लेकिन प्रसव के दौरान बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंच न होना चिंता भी बढ़ा देता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल दूर होने पर परिवारों को समय, दूरी और खर्च—तीनों चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नूरपुर में मातृ-शिशु अस्पताल का शुरू होना हजारों परिवारों के लिए सिर्फ एक स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और भरोसे की नई उम्मीद है।
पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता अजय महाजन ने बीते दिन स्वर्गीय सत महाजन की जयंती पर निर्माणाधीन मातृ-शिशु अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपमा शर्मा और एसएमओ डॉ. सतीश पॉल के साथ निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। महाजन ने बताया कि इस अस्पताल को लेकर कुछ दिन पहले मैंने शिमला में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने इसे जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है। आज हमने अस्पताल का निरीक्षण किया है और अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली है। हमारा प्रयास है कि अगले दो महीनों में इसका कार्य पूरा हो जाए और इसे जल्द ही जनता को समर्पित कर दिया जाए। अजय महाजन ने कहा कि अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अस्पताल शुरू होने के बाद क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। *गौरतलव है कि भाजपा शासन में उस समय के मौजूदा मंत्री ने इस अस्पताल का उद्घाटन आनन फानन करवा दिया था जबकि इस ईमारत मे बिजली पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी लेकिन विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस पार्टी के किसी भी नेता ने इसका विरोध नहीं किया और जब प्रदेश में विधानसभा चुनाबो के 1 वर्ष से अधिक समय रह गया है क्या यह सपना साकार हो सकेगा? ऐसा नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में कुछ सामाजिक संस्थाओं व बुद्धिजीवी वर्गों का भी कहना है l

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें