ग्राम सभा बनेगी जनशक्ति की पहचान, नूरपुर से शुरू होगा जागरूकता अभियान

 ग्राम सभा बनेगी जनशक्ति की पहचान, नूरपुर से शुरू होगा जागरूकता अभियान


आज की ग्राम सभा में बिना दर्ज किये रजिस्टर मे साइन करवाने का मामला पंचायत में चर्चा का विषय बना

नूरपुर : विनय महाजन /

नूरपुर देश मे ग्राम सभा को भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई माना जाता है। इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की "मिनी संसद" भी कहा जाता है, क्योंकि यही वह मंच है जहां गांव के लोग अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए स्थानीय विकास और पंचायत के कार्यों पर निर्णय लेते हैं। इसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से आगे चलकर विधानसभा और लोकसभा के प्रतिनिधि भी चुने जाते हैं।लेकिन विडंबना यह है कि आज भी अधिकांश ग्रामीणों को ग्राम सभा की शक्तियों, अधिकारों और कार्यप्रणाली की पर्याप्त जानकारी नहीं है। जागरूकता के अभाव में अनेक ग्रामीण अपने संवैधानिक अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाते, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक शोषण होने की आशंका बनी रहती है। इस मोके पर हाल ही में आयोजित एक ग्राम सभा में अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के निदेशक राजेश सिंह पठानिया ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देखा कि पंचायत की नई कार्यकारिणी और सचिव द्वारा उपस्थित ग्रामीणों से कार्रवाई रजिस्टर में कार्यवाही दर्ज किए बिना ही हस्ताक्षर करवाए जा रहे थे। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आपत्ति जताई और पूछा कि कोरे पृष्ठों पर हस्ताक्षर क्यों करवाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने उत्तर दिया कि पहले कोरम पूरा किया जा रहा हैl पंचायत की नई कार्यकारिणी और सचिव द्वारा उपस्थित ग्रामीणों से कार्रवाई रजिस्टर में कार्यवाही दर्ज किए बिना ही हस्ताक्षर करवाए जा रहे थे l इस अवसर पर मीडिया के लोगों के साथ पठानिया का कहना था कि ग्राम सभा की कार्यवाही पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार होनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों के अधिकार सुरक्षित रहें।आज की बैठक में लगभग 60 से 70 महिलाएं और पुरुष उपस्थित थे। जब उनसे ग्राम सभा के अधिकारों और कार्यप्रणाली के बारे में पूछा गया तो अधिकांश लोगों ने स्वीकार किया कि उन्हें इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं है। तव उन्होंने इसे अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए नूरपुर के खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार से मुलाकात कर ग्राम सभा जागरूकता अभियान शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि यदि प्रत्येक ग्रामीण, विशेषकर युवा पीढ़ी, ग्राम सभा की शक्तियों और अधिकारों को समझ जाएगी तो गांवों में पारदर्शिता बढ़ेगी और आर्थिक एवं सामाजिक शोषण पर प्रभावी रोक लग सकेगी । खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार नूरपुर ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रशासन इस अभियान में पूरा सहयोग देगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ने पर उनका विभाग अपने स्टाफ सहित इस जनजागरण अभियान में सक्रिय भागीदारी करेगा। इस मामले मे अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के पदाधिकारियों की अगले सप्ताह एसडीएम नूरपुर एवं खंड विकास अधिकारी के साथ बैठक प्रस्तावित है। बैठक के बाद सबसे पहले नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में "ग्राम सभा जागरूकता अभियान" शुरू किया जाएगाl  

टिप्पणियाँ

खबर को दोस्तों के साथ साझा करें:


हिमाचल मीडिया से जुड़ें:

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जसूर में फोटोग्राफर की दुकान से डेढ़ लाख का ड्रोन चोरी, सीसीटीवी में कैद हुआ संदिग्ध, सुराग देने पर मिलेगा ₹10 हजार का इनाम

मात्र 6 घंटों के भीतर बच्चों को ढूंढ निकाला ज्वाली पुलिस ने, परिजनों ने किया धन्यवाद

बतराहन के वार्ड नंबर 6 को जाने वाली सड़क का काम शुरू, प्रधान तमन्ना धीमान शर्मा ने विधायक भवानी सिंह पठानिया का जताया आभार

सीएम के स्वागत की तैयारी के दौरान करंट लगने से युवा कांग्रेस नेता चंद्रमणि कुलेठी का निधन

विद्युत आपूर्ति सप्लाई बंद रहेगी 24 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में

23 अक्टूबर को ज्वाली के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा मासिक प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित

56 वार लगातार हर बार अंगद की भूमिका निभा रहे हैं दर्शन कुमार

बरोट पुल के समीप हुई बाईक व स्कूटी क़ी टक्कर,. बाईक चालक गंभीर घायल

ज्वाली के हार, नाणा, बालदोआ सड़क 10 से 23 अक्टूबर तक रहेगी बंद, जानें वैकल्पिक रूट