राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा से किया आग्रह राज्यसभा में इस मामले को उठाया जाए
राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा से किया आग्रह राज्यसभा में इस मामले को उठाया जाए
( नूरपुर:-विनय महाजन)
कांगड़ा रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य पीसी विश्वकर्मा ने आज एक प्रेस विज्ञाप्ती में रेलवे मंत्रालय के प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि कांगड़ा वैली की नैरो गेज पठानकोट जोगिन्दरनगर सेक्शन के बीच चलने वाली रेल सेवा के वार वार ठप्प हो जाने से क्षेत्र की जनता काफी दुखी हैl उन्होंने कहा कि बिना कोई ठोस कारण के रेल सेवा कई बार ठप्प की जाती है। पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि 2014 से कांगड़ा रेल घाटी की ऐसी दुर्दशा शुरू हुई जो आज तक ठीक होने का नाम नहीं ले पाई lअंग्रेजी हकूमत ने 1929 से ट्रेनें इस ट्रैक पर दौड़ाना शुरू की थीं जो 1973 तक एक आध घटना को छोड़ निर्बाध रूप से चलती रही ,बरसात के दिनों में भी लोग ट्रैन यात्रा को विश्वसनीय और सुनिश्चित मानते थे।लगातार टेक्नीकल वर्ग गश्त करता था।पौंग बांध वन जाने के वाद 1973 में गुलेर रेलवे स्टेशन और ज्वाली शहर के बीच के ट्रैक को उखाड़ना पड़ा जिसमें मंगवाल जगतपुर,और अनुर तीन रेलवे स्टेशन बंद हुए और ज्वाली से गुलर तक नई पटड़ी जो लगभग 30 किलोमीटर है बिछाने का काम तीन साल की अवधि में पूर्ण कर लिया गया। और 1976 में रेल सेवाएं फिर से शुरू हुईंl 1976 से 2014 तक ट्रेन सेवा बिना विघ्न के चलती रहीं । और अव अगस्त 2014 में एक पहाड़ी से कुछ मलवा पत्थर ट्रैक पर गिरे तो तीन महीने तक ट्रेन बंद रहीं।इसके बाद से आज तक कई छोटे मोटे कारणों से ट्रेनों को बंद किया जाता रहाl 2022 में चक्की पुल के गिर जाने से चार साल तक ट्रेनें फ़िर बंद हुईंl इस बीच जनता ने जंतर मंतर पर कई बार धरने प्रदर्शन किये तो कुछ कुछ समय के लिए ट्रेनें चलीं पर अभी तक लोगों का विश्वास बहाल नहीं कर सकींl 2022 से बंद हुआ पूरा ट्रैक 2जून 2026 को खुला जव इस ट्रैक पर केवल 2 ट्रेनें ही चलाई गई जिनका उद्घाटन अनुराग ठाकुर सांसद और राजीव भारद्वाज दोनों सांसदों ने किया था लेकिन उसके वावजूद भी रेल सेवा ठप हो गई है l संघर्ष समिति ने राज्य सभा के सांसद अनुराग शर्मा से आग्रह किया है कि इस मामले को राज्यसभा के सदन में रखा जाए कि आखिरकार हिमाचल के साथ रेलवे मंत्रालय का प्रशासन क्यों भेदभाव कर रहा है?

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