राजकीय महाविद्यालय शिवनगर में गुरु पूर्णिमा पर गुरु-शिष्य परंपरा विषयक विशेष व्याख्यान आयोजित
राजकीय महाविद्यालय शिवनगर में गुरु पूर्णिमा पर गुरु-शिष्य परंपरा विषयक विशेष व्याख्यान आयोजित
29 जुलाई को राजकीय महाविद्यालय शिवनगर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संस्कार क्लब के तत्वावधान में "गुरु-शिष्य परंपरा" विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता सिंह ने की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. संगीता सिंह ने भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले पथ-प्रदर्शक भी होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन एवं समर्पण की भावना बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. विवेकानंद शर्मा ने गुरु-शिष्य परंपरा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक महत्ता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में गुरु-शिष्य संबंध केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों की स्थापना का आधार रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस गौरवशाली परंपरा को अपने जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया। यह कार्यक्रम संस्कार क्लब की संयोजक डॉ. नीतिका शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर व्याख्यान का लाभ उठाया। अंत में सभी ने भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

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