पौंग बांध के पानी से संभावित तबाही को लेकर फतेहपुर प्रशासन अलर्ट, एसडीएम ने संभाली कमान
पौंग बांध के पानी से संभावित तबाही को लेकर फतेहपुर प्रशासन अलर्ट, एसडीएम ने संभाली कमान
(नूरपुर:-विनय महाजन)
बरसात के मौसम में पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर बीबीएमबी प्रशासन को पानी छोड़ना पड़ता है। ऐसे में फतेहपुर और इंदौरा के मंड क्षेत्रों से लेकर पंजाब के कुछ इलाकों तक बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। संभावित खतरे को देखते हुए फतेहपुर प्रशासन इस बार पहले से ही अलर्ट मोड पर आ गया है।फतेहपुर प्रशासन ने संभावित बाढ़ और बरसात से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और फील्ड स्टाफ को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं और तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है।इसी कड़ी में एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने स्वयं मंड रियाली क्षेत्र का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने क्षेत्र में संभावित खतरे वाले स्थानों और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से बरसात के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलव है कि पिछले वर्ष भी पौंग बांध से पानी छोड़े जाने और भारी बरसात के कारण मंड क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार ऐसे हालात पैदा न हों और किसी भी संभावित आपदा से समय रहते निपटा जा सके, इसके लिए फतेहपुर प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुट गया है।एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष हुए नुकसान की भी समीक्षा की जा रही है। यदि किसी पात्र प्रभावित व्यक्ति को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, तो नियमानुसार उसे मुआवजा जारी करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रभावित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है और पात्र लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।पौंग बांध के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए फतेहपुर प्रशासन की समय रहते शुरू की गई तैयारियां मंड क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की खबर हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और बचाव सहायता उपलब्ध करवाई जा सके

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