चम्बा में मूसलाधार बारिश का कहर घरों में घुसा पानी, दर्जनों वाहन मलबे में दबे
चम्बा में मूसलाधार बारिश का कहर घरों में घुसा पानी, दर्जनों वाहन मलबे में दबे, लोगों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
चम्बा : जितेन्द्र खन्ना /
चम्बा जिला में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया और भारी मात्रा में मलबा रिहायशी इलाकों में आ पहुंचा। इससे कई घरों में पानी और मलबा घुस गया, जबकि सड़क किनारे खड़े दर्जनों वाहन मलबे में दब गए। जिले के कई स्थानों पर सड़कें भी बाधित हो गई हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सुल्तानपुर, घोलटी, हरदासपुर, माई का बाग और परेल शामिल हैं। इन इलाकों में भारी मलबा आने से लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वहीं, चम्बा डिग्री कॉलेज परिसर भी पूरी तरह कीचड़ और मलबे से भर गया, जिससे परिसर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
घोलटी क्षेत्र में स्थित शिव मंदिर तथा एक प्राकृतिक पेयजल स्रोत भी मलबे की चपेट में आ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही प्रशासन से सुरक्षा दीवार बनाने और नालियों को चौड़ा करने की मांग की थी, लेकिन समय रहते आवश्यक कार्य नहीं किए गए। उनका आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण आज उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
प्रभावित लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सुरक्षा दीवारों का निर्माण, नालियों का विस्तार और अन्य आवश्यक सुरक्षा कार्य किए जाएं, ताकि भविष्य में बरसात के दौरान इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने और नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं, जबकि स्थानीय लोगों में घटना को लेकर चिंता और निराशा का माहौल है। उधर, स्थानीय विधायक नीरज नैयर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने, प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने तथा नुकसान का शीघ्र आकलन करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और अब इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं सर्वेक्षण कार्य में जुटी हुई हैं, जबकि स्थानीय लोगों में भारी बारिश से हुए नुकसान को लेकर चिंता और रोष का माहौल है।

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