आपदा के समय राहत नहीं, वीआईपी प्रबंधन में व्यस्त रही कांग्रेस सरकार : त्रिलोक कपूर

 आपदा के समय राहत नहीं, वीआईपी प्रबंधन में व्यस्त रही कांग्रेस सरकार : त्रिलोक कपूर

धर्मशाला में सरकारी संसाधनों से चमकाए गए विश्राम गृह, लेकिन बोह के पीड़ित आज भी राहत को तरस रहे हैं : भाजपा


धर्मशाला। भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदा की गंभीर मार झेल रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता आपदा प्रभावितों का पुनर्वास नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दौरों के लिए सरकारी व्यवस्थाओं को चमकाना रही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसके लिए जनता का दर्द नहीं, बल्कि वीआईपी संस्कृति अधिक महत्वपूर्ण है।


त्रिलोक कपूर ने कहा कि बोह और आसपास के क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवार आज भी राहत, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जिन लोगों के घर, खेत और आजीविका प्रभावित हुई, उन्हें केवल आश्वासन दिए गए, जबकि सरकार का पूरा ध्यान मुख्यमंत्री और मंत्रियों के स्वागत की तैयारियों में लगा रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की संवेदनहीनता का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे संघर्ष कर रहे हैं और सरकार सरकारी विश्राम गृहों की साज-सज्जा में व्यस्त है।


उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले बोह में वाटरप्रूफ टेंट लगाए गए, शाहपुर और रैत विश्राम गृहों में रातों-रात नए परदे और सोफे लगाए गए, पठानकोट से फर्नीचर मंगवाया गया तथा रंग-रोगन कराकर पूरे सरकारी तंत्र को केवल वीआईपी दौरे के अनुरूप तैयार किया गया। यदि यही सरकारी संसाधन और धनराशि आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता में खर्च की जाती तो अनेक जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत मिल सकती थी।


त्रिलोक कपूर ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के दौरे केवल औपचारिकता बनकर रह गए। न तो प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास की कोई ठोस योजना सामने आई और न ही राहत वितरण को लेकर कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई दी। कांग्रेस सरकार केवल कैमरों के सामने सक्रिय दिखाई देती है, जबकि धरातल पर पीड़ितों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।


उन्होंने कहा कि नगरोटा में आयोजित कार्यक्रम और कांगड़ा प्रवास के दौरान सरकार का पूरा ध्यान राजनीतिक गतिविधियों और औपचारिक आयोजनों पर केंद्रित रहा। प्रदेश के मंत्री आपसी राजनीतिक समीकरण साधने में व्यस्त रहे, जबकि आपदा प्रभावित परिवार राहत और पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे रहे। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकताएं जनता नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रबंधन हैं।


त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का अपने कार्यकर्ताओं और आम जनता दोनों से संपर्क टूट चुका है। सरकार न तो जनता की पीड़ा सुन रही है और न ही अपने संगठन की आवाज। प्रदेशभर में कांग्रेस के प्रति बढ़ता असंतोष इसी बात का प्रमाण है कि सरकार जनभावनाओं को समझने में पूरी तरह विफल रही है।


उन्होंने कहा कि भाजपा मांग करती है कि सरकार वीआईपी संस्कृति और दिखावटी दौरों पर खर्च होने वाले सरकारी धन का हिसाब जनता के सामने रखे तथा आपदा प्रभावित परिवारों को बिना किसी भेदभाव के तत्काल राहत, पारदर्शी सहायता और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करे। हिमाचल की जनता इस संवेदनहीनता को देख रही है और समय आने पर इसका लोकतांत्रिक जवाब अवश्य देगी।

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