छोटी काशी को चिनार से गुलजार करने का प्रयास, इंदिरा मार्किट में रोपा गया पौधा
छोटी काशी को चिनार से गुलजार करने का प्रयास, इंदिरा मार्किट में रोपा गया पौधा
दशकों पहले दलाईलामा ने मंडी में लगाए थे चिनार के दो पौधे, एक आज भी सुरक्षित
अब भारतीय सांस्कृतिक निधि ने मंडी में लगाया चिनार का तीसरा पौधा
यदि यह पौधा कामयाब हुआ तो फिर भविष्य में लगाए जाएंगे और पौधे
मूलतः कश्मीर में पाए जाते हैं चिनार के पेड़, हिमाचल में नाममात्र ही है इनकी संख्या
इलाके की सुंदरता को चार चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ते चिनारे के पेड़
एंकर - छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी शहर को चिनार के पौधों से गुलजार करने का प्रयास शुरू हुआ है। यह प्रयास शुरू किया है भारतीय सांस्कृतिक निधि मंडी द्वारा। आज संस्था द्वारा नगर निगम मंडी की महापौर सुमन ठाकुर और उप महापौर जितेंद्र शर्मा के हाथों इंदिरा मार्किट परिसर में चिनार का पौधा लगाया गया। सुमन ठाकुर ने इस नई शुरूआत के लिए संस्था के सभी सदस्यों को बधाई दी और कहा कि चिनार के पौधे से क्षेत्र की सुंदरता को एक नया आयाम मिलेगा।
बाइट - सुमन ठाकुर, महापौर, नगर निगम मंडी
दलाईलामा ने लगाए थे मंडी में चिनार के दो पौधे
भारतीय सांस्कृतिक निधि मंडी के सदस्य कमल कांत शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा विभिन्न प्रकार के पौधों को लगाया गया है जो आज पेड़ बन चुके हैं। संस्था ने कुछ नया करने की सोची तो चिनार के पौधे लगाने का विचार दिमाग में आया। दशकों पहले दलाईलामा ने मंडी शहर के टारना में चिनार के दो पौधे लगाए थे जिनमें से एक आज भी सुरक्षित है। कमल कांत के अनुसार चिनार का पौधा हासिल करने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। यदि यह पौधा कामयाब हो जाता है तो फिर आने वाले समय में मंडी शहर में चिनार के और पौधे भी लगाए जाएंगे।
बाइट - कमल कांत शर्मा, सदस्य, भारतीय सांस्कृतिक निधि मंडी

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