किसानों की जीवनरेखा कृपालचंद कुहल होगी शीघ्र बहाल, पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के दिए निर्देश : विपिन सिंह परमार
किसानों की जीवनरेखा कृपालचंद कुहल होगी शीघ्र बहाल, पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के दिए निर्देश : विपिन सिंह परमार
पालमपुर।
सुलह विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता विपिन सिंह परमार ने कहा कि क्षेत्र के किसानों की जीवनरेखा मानी जाने वाली कृपालचंद कुहल को शीघ्र चालू करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। काफी समय से बंद पड़ी इस महत्वपूर्ण सिंचाई व्यवस्था तथा इसके लंबित मरम्मत कार्य को बिना किसी देरी के पूरा करने के लिए उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
इसी उद्देश्य से आज भीखाशाह मंदिर परिसर में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग के अधीक्षण अभियंता विशाल जैसवाल,अधिशाषी अभियंता संदीप चौधरी, एसडीओ, जेई सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में कृपालचंद कुहल की मरम्मत, इसके पुनः संचालन, विस की विभिन्न पंचायतों में पेयजल आपूर्ति तथा पानी की गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि पिछले काफी समय से विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं और लगातार अपनी समस्याएं उनके समक्ष रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता की इस पीड़ा को देखते हुए उन्होंने स्वयं पिछले एक सप्ताह के दौरान क्षेत्र के अनेक गांवों और घरों का दौरा किया, पेयजल की गुणवत्ता का निरीक्षण किया तथा लोगों की समस्याओं को नजदीक से समझा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
परमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृपालचंद कुहल के सभी लंबित मरम्मत कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा कर इसे जल्द से जल्द किसानों के लिए चालू किया जाए, ताकि खेती-बाड़ी प्रभावित न हो और किसानों को समय पर सिंचाई का लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी, जल की गुणवत्ता की सतत जांच तथा आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका परिणाम धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और किसानों की सिंचाई व्यवस्था को बहाल करने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विपिन सिंह परमार ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वह स्वयं इन कार्यों की नियमित समीक्षा करेंगे और जब तक कृपालचंद कुहल पूरी तरह चालू नहीं हो जाती तथा पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक लगातार विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग के सहयोग से जल्द ही क्षेत्र के किसानों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी

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