हिंदी की सृजनात्मक उड़ान से गूंजा रिवालसर कॉलेज
हिंदी की सृजनात्मक उड़ान से गूंजा रिवालसर कॉलेज
भाषण, कविता, लोकगीत, दोहा गायन और प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा; हिंदी पखवाड़ा प्रतियोगिताओं के विजेता भी हुए घोषित
अजय सूर्या रिवालसर। राजकीय महाविद्यालय रिवालसर में हिंदी विभाग एवं हिंदी भाषा प्रचार समिति के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस–2026 साहित्य, संस्कृति और सृजनात्मक अभिव्यक्ति के भव्य उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति की विविध प्रस्तुतियों से सराबोर रहा। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए हिंदी के प्रति प्रेम और रचनात्मक सोच का परिचय दिया।
कार्यक्रम में हिंदी भाषण, कविता पाठ, दोहा गायन, लोकगीत तथा हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। हिंदी भाषण प्रतियोगिता का विषय “डिजिटल युग में हिंदी की बढ़ती संभावनाएँ” रहा। विद्यार्थियों ने हिंदी की वैश्विक उपयोगिता के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मीडिया, डिजिटल कंटेंट, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में हिंदी की बढ़ती भूमिका पर प्रभावशाली विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य एवं हिंदी भाषा प्रचार समिति के सलाहकार डॉ. कुलदीप कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल सांस्कृतिक विरासत की भाषा नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रशासन, पत्रकारिता, अनुवाद, मीडिया, डिजिटल कंटेंट निर्माण, शोध और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं रखने वाली भाषा है।
प्रतियोगिताओं में इन विद्यार्थियों ने मारी बाजी
हिंदी भाषण प्रतियोगिता में प्रिया प्रथम, कविता देवी द्वितीय और डिंपल शर्मा तृतीय रहीं। कविता पाठ में डिंपल शर्मा प्रथम, अंजना शर्मा द्वितीय और नीलम ठाकुर तृतीय स्थान पर रहीं। लोकगीत प्रतियोगिता में दीक्षा शर्मा प्रथम, सिमरन शर्मा द्वितीय और उपासना तृतीय रहीं।
हिंदी प्रश्नोत्तरी में तमन्ना–नीलम की टीम ने प्रथम, मंजू–प्रिया ने द्वितीय तथा दिया शर्मा–प्रिया की टीम ने तृतीय स्थान हासिल किया।
वहीं, हिंदी पखवाड़ा–2026 के तहत आयोजित लिखित प्रतियोगिताओं के परिणाम भी घोषित किए गए। निबंध लेखन में हंसिका प्रथम, विकास ठाकुर द्वितीय और सुष्मिता तृतीय रहीं। हिंदी सुलेख में प्रिया प्रथम, अनिता कुमारी द्वितीय और संजना तृतीय रहीं।
हिंदी कविता लेखन में विकास ठाकुर प्रथम, तमन्ना ठाकुर द्वितीय और उपासना शर्मा तृतीय रहीं। हिंदी पत्र लेखन में अंजना शर्मा प्रथम, सिमरन शर्मा द्वितीय और नीलम तृतीय रहीं। हिंदी नारा लेखन में डिंपल शर्मा प्रथम, कविता देवी द्वितीय और अंजना शर्मा तृतीय रहीं। हिंदी पोस्टर निर्माण में विद्या भारद्वाज प्रथम, उपासना शर्मा द्वितीय और दीपिका शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं।
प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष एवं सूक्ष्म मूल्यांकन प्रो. सूरज मणि, प्रो. यश पाल और प्रो. रमणीक शर्मा ने किया।
वार्षिक समारोह में सम्मानित होंगे विजेता
महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. ब्रजनंदन ने विद्यार्थियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी भारतीय सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्रीय एकता और ज्ञान परंपरा की सशक्त भाषा है। उन्होंने घोषणा की कि सभी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विजेताओं को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह 2026–27 में सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. मेहर चंद, प्रो. महेंद्र सिंह, गैर-शिक्षक वर्ग, हिंदी भाषा प्रचार समिति की कार्यकारिणी, स्वयंसेवकों तथा महाविद्यालय के विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरे कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने हिंदी दिवस को ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के यादगार उत्सव में बदल दिया।

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