कंसा डंपिंग साइट के विरोध में अनशन तीसरे दिन भी जारी
कंसा डंपिंग साइट के विरोध में अनशन तीसरे दिन भी जारी
आंदोलन को मिला व्यापक जनसमर्थन, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संजय धीमान बोले—मांग पूरी होने तक जारी रखें संघर्ष
नेरचौक : अजय सूर्या /
कंसा डंपिंग साइट को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों का क्रमिक अनशन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अनिल सैनी की अगुवाई में चल रहे इस आंदोलन को आसपास की पंचायतों, स्थानीय लोगों, महिलाओं, युवाओं और विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। जनसमर्थन बढ़ने के साथ आंदोलन में शामिल होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है।
सोमवार को आंदोलन स्थल पर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संजय धीमान ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि डंपिंग साइट के विरोध में स्थानीय जनता की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार स्थानीय लोगों की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखा जाना चाहिए।
संजय धीमान ने कहा कि पूर्व में भी डंपिंग साइट को बदला जा चुका है, इसलिए वर्तमान डंपिंग साइट को भी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है। उन्होंने डंपिंग साइट से उठने वाली दुर्गंध पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका असर आसपास रहने वाले लोगों के जनजीवन पर पड़ रहा है।
खेल गतिविधियां और धार्मिक आयोजन भी प्रभावित
स्थानीय लोगों ने बताया कि डंपिंग साइट की दुर्गंध का असर कंसा ग्राउंड में होने वाली खेल गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के साथ-साथ खिलाड़ियों को मैदान में अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, कंसा ग्राउंड के समीप स्थित मंदिर में कीर्तन एवं अन्य धार्मिक आयोजनों में पहुंचने वाले श्रद्धालु भी दुर्गंध से परेशान हैं। आंदोलन में शामिल दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं और स्थानीय महिलाओं ने भी क्षेत्र में संभावित स्वास्थ्य संबंधी खतरे को लेकर चिंता जताई।
जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी आवाज
अधिवक्ता संजय धीमान ने कहा कि यदि सरकार स्थानीय लोगों की मांग पर गौर नहीं करती है तो इस मामले को न्यायिक स्तर पर भी चुनौती दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्थानीय लोगों की आवाज को देश के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने लोगों से एकजुट होकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया। वहीं, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक कंसा डंपिंग साइट को हटाने की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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