वित्तीय संवेदनशीलता कम करने को लेकर परामर्श कार्यशाला आयोजित उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने की अध्यक्षता
वित्तीय संवेदनशीलता कम करने को लेकर परामर्श कार्यशाला आयोजित
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने की अध्यक्षता
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में आज बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के तहत वित्तीय संवेदनशीलता को कम करने से संबंधित विषय पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो काँफ्रेंस कक्ष में एक विशेष परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़, क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ऑस्ट्रेलिया, क्रेया यूनिवर्सिटी चेन्नई के विशेषज्ञों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।
कार्यशाला में बाढ़ प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति, उनकी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव, आपदा के बाद दीर्घकालिक पुनर्बहाली कार्यों तथा भविष्य में आपदाओं से निपटने की क्षमता को सुदृढ़ करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने विशेषज्ञओं को जिले कि भौगोलिक परिस्थिति से अवगत करवाते हुए कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पूर्व तैयारी एवं जोखिम की पहचान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययन और स्थानीय जानकारी के समुचित उपयोग से प्रभावित परिवारों की वित्तीय एवं सामाजिक संवेदनशीलता कम करने तथा उनकी पुनर्बहाली क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
परियोजना का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को केवल राहत एवं पुनर्बहाली तक सीमित न रखते हुए पूर्व तैयारी, वित्तीय सुरक्षा, आजीविका की निरंतरता तथा दीर्घकालिक आपदा-लचीलापन को मजबूत करना है।
कार्यशाला में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा ने विशेषज्ञओं के साथ जिला में बाढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
इस दौरान सहायक अभियंता जल शक्ति गौरव कुमार ने चंबा जिला के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उठाए जा रहे विभागीय कदमों की भी जानकारी से अवगत करवाया ।
कार्यशाला में डॉ. सागर,डॉ. सवीना, प्रो. दीपा सरकार, येसमीन, वरिष्ठ शोधकर्ता देवोपरना पोंडर, ऋतुराज महंता, सहित विभिन्न विशेषज्ञ वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

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