इंग्लिश मीडियम संत समागम में गूंजे मानवता, प्रेम और ब्रह्मज्ञान के संदेश
इंग्लिश मीडियम संत समागम में गूंजे मानवता, प्रेम और ब्रह्मज्ञान के संदेश
मंडी/सुंदरनगर अजय सूर्या /
संत निरंकारी मिशन की ओर से सुंदरनगर में जोनल स्तरीय इंग्लिश मीडियम संत समागम का आयोजन किया गया। यह समागम संत निरंकारी मिशन की सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से संपन्न हुआ। समागम में मंडी, कुल्लू, मनाली, सुंदरनगर तथा आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
समागम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मानवता, प्रेम, भाईचारे और ब्रह्मज्ञान के संदेश से जोड़ना रहा। विशेष रूप से युवाओं ने अंग्रेजी भाषा के माध्यम से अपने विचारों को प्रस्तुत करते हुए भाषण, कविताओं और भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं ने संत निरंकारी मिशन के सिद्धांतों को रचनात्मक एवं प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया।
युवाओं ने अपने संबोधन में कहा कि सतगुरु द्वारा प्रदान किया गया ब्रह्मज्ञान मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान के बिना मानव जीवन अधूरा है और परमात्मा की पहचान ही जीवन को वास्तविक अर्थ एवं सार्थकता प्रदान करती है।
समागम में चंडीगढ़ से पहुंचे वरिष्ठ प्रचारक संत अमरीक सिंह चीमा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को दूसरों की कमियां तलाशने के बजाय स्वयं के भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि निरंतर सिमरन अर्थात परमात्मा का स्मरण करते हुए मानवता की सेवा करना ही सच्ची भक्ति है। ब्रह्मज्ञान से व्यक्ति के जीवन में सहजता आती है तथा उसके विचारों और कर्मों में सकारात्मकता का विकास होता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से परमात्मा के प्रति विश्वास बनाए रखने और सभी के कल्याण की भावना के साथ जीवन जीने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा, प्रेम और आपसी भाईचारा ही समाज को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समागम के आरंभ में मंडी जोनल इंचार्ज डॉ. आर.के. अभिलाषी ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने समागम के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
समागम के दौरान संत निरंकारी मंडल के सेवादल की बहनों और महात्माओं ने विभिन्न व्यवस्थाओं में श्रद्धापूर्वक अपनी सेवाएं निभाईं। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।

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