ज्वाली में बिना सुराग के 12 दिन में सुलझी 'ब्लाइंड चोरी, पुलिस का कड़ा रुख, अफवाहों पर लगा विराम
ज्वाली में बिना सुराग के 12 दिन में सुलझी 'ब्लाइंड चोरी, पुलिस का कड़ा रुख, अफवाहों पर लगा विराम
हिमाचल प्रदेश के जिला पुलिस नूरपुर के अंतर्गत आने वाले ज्वाली उपमंडल की ग्राम पंचायत पनालथ में बीते 12 तारीख की शनिवार रात को हुई भारी-भरकम चोरी के मामले में पुख्ता सूत्रों के हवाले से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पाई-पाई जोड़कर मकान के निर्माण कार्य के लिए सहेजी गई गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करने वाले चोरों पर खाकी ने आखिरकार कानूनी शिकंजा कस दिया है।
लोग सोशल मीडिया पर जो अनर्गल और झूठी बातें फैला रहे थे, असल सच्चाई उन तमाम अफवाहों से कोसों दूर और एकदम अलग है और पुलिस ने अपनी पुख्ता कार्रवाई से असली सच का पर्दाफाश कर दिया है।
बिना सुराग के 12 दिन में सुलझी 'ब्लाइंड चोरी'
पुख्ता सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला पूरी तरह से एक 'ब्लाइंड चोरी' (Blind Theft) का था। शातिर चोरों ने वारदात को इतनी चालाकी से अंजाम दिया था कि मौके पर कोई भी डिजिटल या ठोस सुराग नहीं छोड़ा था।
इसके बावजूद, पुलिस ने हार नहीं मानी। अपने भरोसेमंद और पुख्ता सोर्स का सहारा लेते हुए, पुलिस ने एक-एक कड़ी को वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से जोड़ा। घटना के मात्र 12 दिन के भीतर इस जटिल गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपियों को ज्वाली के मैरा के नजदीक धर दबोचा। ना कि हरसर या पनालथ में
कानूनी प्रक्रिया और सोशल मीडिया की भ्रांतियों का सच
सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि चोरों की गिरफ्तारी हरसर या पनालथ में नहीं हुई थी, जैसा कि आम चर्चा में फैलाया जा रहा था। जब पुलिस आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत 'क्राइम सीन' (अपराध स्थल) पर लेकर गई, तो वहीं लोगों ने वीडियो बनाकर शेयर कर दिया और कई लोगों ने उसे गलत रंग दे दिया और सोशल मीडिया पर अल्प ज्ञान के चलते वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों ने पुलिस के अनुसंधान कार्य पर बुरा असर डाला। आज के दौर में कुछ लोग बिना पूरी बात जाने, केवल कंटैंट के चक्कर में लोगों को गुमराह करने में लगे हैं.
एसपी नूरपुर का सख्त संदेश
शुरुआती दौर में पुलिस की चुप्पी यह साफ दर्शा रही थी कि पुलिस किसी बड़े गिरोह की तह तक पहुंचने के लिए पूरी गोपनीयता के साथ रणनीति पर काम कर रही थी परन्तु वीडियो व फोटो वायरल होने से पुलिस को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा परन्तु "अफवाहों के बाजार से इतर,
जब इस मामले को लेकर एसपी नूरपुर से बात की गई, तो उनका दो टूक बयान सामने आया "जिसे जो बोलना है, वह बोले, वक्त आने पर परिणाम सामने आ जाएंगे। पुलिस अपना काम कानूनी दायरे में रहकर पूरी मुस्तैदी से कर रही है। सहयोग करें 🙏
नोट - इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें तांकि लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके।


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