मतदाता सूची के SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ माकपा का मंडी में प्रदर्शन
मतदाता सूची के SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ माकपा का मंडी में प्रदर्शन
अजय सूर्या मंडी, 29 सितंबर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की लोकल कमेटी सदर मंडी ने मंगलवार को सेरी चांदनी में धरना-प्रदर्शन कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध जताया। यह प्रदर्शन देश की वामपंथी पार्टियों के आह्वान पर 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चल रहे सप्ताहव्यापी विरोध-प्रदर्शन के तहत आयोजित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने 23 सितंबर को प्रकाशित ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के भीतर लिए जा रहे फैसलों और उनकी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में कम से कम 14 मौकों पर मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने, नाम बहाल करने, SIR प्रक्रिया, फॉर्म-6 तथा मतदाता डाटाबेस से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। उन्होंने मतदाता डाटाबेस के केंद्रीकरण और राज्य तथा निर्वाचन क्षेत्र स्तर के अधिकारियों की पहुंच से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामला केवल SIR तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान माकपा ने मांग रखी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए, SIR प्रक्रिया को रोका जाए और जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके मतदान अधिकार बहाल किए जाएं। पार्टी ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए उसकी कार्यप्रणाली में सुधार की मांग भी उठाई।
माकपा ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की भागीदारी वाली समिति की व्यवस्था की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हुई है। वहीं चुनाव आयोग की ओर से इन घटनाक्रमों को लेकर अलग पक्ष भी सामने आया है और आयोग के निर्णयों की प्रक्रिया को लेकर अपने तर्क दिए गए हैं।
धरना-प्रदर्शन में माकपा लोकल कमेटी सचिव सुरेश सरवाल, जोगिंदर वालिया, राजेश शर्मा, वीना वैद्य, रमेश गुलरिया, प्रवीण कुमार, गोपेंद्र कुमार, रीना अंकुर, पोविन्दर और रेहाना सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें