श्री हरि कथा आत्म जागृति का दिव्य साधन : स्वामी विज्ञानानंद
श्री हरि कथा आत्म जागृति का दिव्य साधन : स्वामी विज्ञानानंद
नूरपुर : विनय महाजन /
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से स्थानीय पैलेस में पांच दिवसीय श्री हरि कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के प्रथम दिन संस्थान की ओर से दिव्य गुरु आशुतोष महाराज के शिष्य एवं कथा व्यास स्वामी विज्ञानानंद जी ने ‘श्री हरि कथा महात्म्य’ विषय पर श्रद्धालुओं को प्रेरणादायी प्रवचन दिए।
स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए मानसिक तनाव, अशांति और अनेक परेशानियों से घिरता जा रहा है। ऐसे समय में भगवान की कथा मानव जीवन को सही दिशा देने के साथ आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने कहा कि श्री हरि कथा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्म जागृति का दिव्य साधन है। जब मनुष्य श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान की कथा का श्रवण करता है तो उसके अंतर्मन के विकार दूर होने लगते हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।
स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि संत-महापुरुषों ने सदैव कथा और सत्संग के माध्यम से मानवता को ईश्वर से जोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और कथा श्रवण सरल एवं श्रेष्ठ साधना मानी गई है। हरि कथा मनुष्य को धर्म, सत्य, प्रेम और करुणा जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देती है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महात्मा अश्वनी और मनप्रीत ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। कथा के समापन पर विश्व शांति, मानव कल्याण एवं समाज में आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए प्रार्थना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ शुभम कुमार, जगदीश चौहान, देसराज और अजवीर कटोच द्वारा ज्योति प्रज्वलित कर किया गया।
संस्थान की कांगड़ा शाखा के संयोजक स्वामी हरीशानंद ने बताया कि पांच दिवसीय श्री हरि कथा प्रतिदिन आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन दिए जाएंगे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने का आग्रह किया।

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