कमनाला पंचायत की जांच समिति भंग कर स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग
कमनाला पंचायत की जांच समिति भंग कर स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग
अकील बख्शी बोले—जांच में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए समिति में फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी हों शामिल
जसूर, राकेश शर्मा
ग्राम पंचायत कमनाला में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए गठित वर्तमान जांच समिति को तत्काल भंग कर स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग उठी है। रणजीत बख्शी जनकल्याण फाउंडेशन के निदेशक अकील बख्शी ने नूरपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मांग प्रशासन के समक्ष रखी।
अकील बख्शी ने कहा कि वर्तमान जांच समिति के अध्यक्ष विजय पंजला के पिता ग्राम पंचायत कमनाला में वेंडर के रूप में जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है और संभावित हित-संघर्ष को देखते हुए वर्तमान समिति से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वर्तमान जांच समिति को तत्काल भंग कर नूरपुर विधानसभा क्षेत्र से बाहर के अधिकारियों एवं सदस्यों को शामिल करते हुए एक नई स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया जाए। समिति में ऐसे लोगों को शामिल किया जाए, जिनका पंचायत, संबंधित व्यक्तियों अथवा वेंडरों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित-संबंध न हो।
अकील बख्शी ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम का एक प्रतिनिधि जांच प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में शामिल किया जाए। इसके अलावा समिति द्वारा मौके पर की जाने वाली जांच और अन्य कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
उन्होंने जांच समिति में एक योग्य फॉरेंसिक विशेषज्ञ को शामिल करने की भी मांग की। उनके अनुसार वित्तीय दस्तावेजों, सरकारी रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और संभावित रिकॉर्ड से छेड़छाड़ जैसे पहलुओं की भी विशेषज्ञ स्तर पर जांच होनी चाहिए।
अकील बख्शी ने प्रशासन से मांग की कि नई स्वतंत्र जांच समिति का गठन तत्काल किया जाए और जांच को 30 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित अवधि में स्वतंत्र समिति गठित कर जांच पूरी नहीं की जाती है, तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सक्षम अधिकारियों के समक्ष एफआईआर दर्ज करवाने सहित उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से उठाई जा रही मांगें किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही हैं।

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