श्रीमदभागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्म प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु !
श्रीमदभागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्म प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु !
पंडित मुकेश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन करते हुए कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव की पीड़ा तथा भगवान श्रीकृष्ण के अवतार की कथा सुनाई।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचार और अधर्म का अंत कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया। श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को प्रेम, करुणा, सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आते ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का वातावरण बन गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और भक्ति में लीन होकर कथा का आनंद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया।
पंडित मुकेश शास्त्री ने कहा कि श्रीमदभागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा दिखाने का माध्यम भी है। भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य को अपने कर्मों का बोध होता है और वह सत्य, धर्म तथा सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त करता है।
गौरतलब है कि जगत जननी मंदिर में आयोजित यह श्रीमदभागवत कथा सात दिनों तक चलेगी, जिसका समापन 2 अक्तूबर को होगा। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान की कथा का श्रवण कर रहे हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आयोजकों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
ज्वाली से राजेश कतनौरिया

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