स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा मासिक प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित

 स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा मासिक प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित



सोलन,। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में मासिक प्रगति समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने की। बैठक में जिला सोलन के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी (BMOs), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPMs), सुपरवाइजर, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPOs) तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिला सोलन में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें गैर-संचारी रोगों (NCDs) की स्क्रीनिंग एवं फॉलो-अप, मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, गर्भवती महिलाओं के प्रारंभिक पंजीकरण (Early ANC Registration), प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल (ANC एवं PNC), PNC फॉलो-अप, नवजात शिशुओं की देखभाल तथा गर्भवती महिलाओं की HIV, सिफलिस एवं हेपेटाइटिस संबंधी जांच की प्रगति का विशेष रूप से विश्लेषण किया गया।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि अधिकांश स्वास्थ्य सेवाओं में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति संतोषजनक रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्वास्थ्य कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में किसी प्रकार की कमी या अंतर पाया गया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वार्षिक लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी एवं फॉलो-अप पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वच्छता अभियान, स्वस्थ भारत अभियान तथा एक माह तक चलाए जाने वाले वृद्धजन देखभाल अभियान पर भी चर्चा की गई। वृद्धजन देखभाल अभियान के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों, IEC गतिविधियों तथा IEC बजट के उचित उपयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इसके अतिरिक्त बैठक में KIP, आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन भुगतान (ASHA Incentives), आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) लिंकिंग तथा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की उपलब्धियों की समीक्षा की गई। नियमित टीकाकरण के अंतर्गत निर्धारित समय-सारणी एवं लक्ष्यों के अनुसार प्रगति को संतोषजनक पाया गया। हालांकि, टीकाकरण से छूटे हुए (Left-out) तथा बीच में टीकाकरण छोड़ चुके (Drop-out) बच्चों की पहचान कर उनका टीकाकरण पूर्ण करवाने के लिए कैच-अप इम्यूनाइजेशन गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए

बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने डेंगू एवं मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों, जिला कार्यक्रम अधिकारियों तथा स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में मौसमी परिस्थितियों के दौरान डेंगू एवं मलेरिया के मामले सामने आने की संभावना बनी रहती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को इन बीमारियों की रोकथाम, समय पर पहचान, जांच एवं उपचार के लिए निरंतर सतर्क रहना आवश्यक है।

उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग द्वारा नियमित गतिविधियों एवं विशेष जागरूकता अभियानों के माध्यम से आम जनमानस को डेंगू एवं मलेरिया के लक्षणों, बचाव के उपायों, समय पर जांच करवाने तथा उचित उपचार के प्रति जागरूक किया जाए। ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य संदेश पहुंचाने में आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी स्वास्थ्य कर्मी समुदाय के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए प्रेरित करें।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मलेरिया की आशंकित स्थिति में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार रक्त स्लाइड अथवा अन्य आवश्यक जांच करवाने, डेंगू के संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान एवं जांच तथा आवश्यकतानुसार उपचार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां आवश्यक हो, वहां फॉगिंग एवं अन्य मच्छर नियंत्रण गतिविधियां संबंधित विभागों के समन्वय से करवाई जाएं तथा स्वच्छता संबंधी जागरूकता अभियान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निरंतर चलाए जाएं।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में प्रयोगशाला जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां जांच एवं रिपोर्टिंग में अनावश्यक विलंब न हो। आवश्यक दवाइयों और जांच संबंधी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर जांच, उचित उपचार एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए सक्रिय भूमिका निभाने तथा जनसहभागिता के माध्यम से बचाव गतिविधियों को प्रभावी बनाने का आह्वान किया।

बैठक में फील्ड स्तर पर गर्भवती महिलाओं की HIV जांच के लिए आवश्यक जांच किटों की उपलब्धता एवं आपूर्ति से संबंधित रिपोर्ट में सामने आई कमियों पर भी चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने तथा फील्ड स्तर पर जांच सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए।

अंत में डॉ. अजय पाठक ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित निगरानी करने, रिपोर्टिंग की गुणवत्ता बनाए रखने तथा आम जनता को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने का आह्वान  किया। 

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