नूरपुर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भाजपा समर्थित पार्षदों ने उठाए गंभीर सवाल, 11 विकास कार्यों के टेंडर रद्द करने की मांग
नूरपुर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भाजपा समर्थित पार्षदों ने उठाए गंभीर सवाल, 11 विकास कार्यों के टेंडर रद्द करने की मांग
2022 से लंबित शौचालय निर्माण एवं मरम्मत कार्यों पर भी मांगा जवाब, एसडीएम को सौंपा शिकायत पत्र
नूरपुर : विनय महाजन /
नगर परिषद नूरपुर की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों के लिए अपनाई जा रही टेंडर प्रक्रिया को लेकर भाजपा समर्थित पार्षदों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद द्वारा उन्हें विश्वास में लिए बिना तथा उचित सूचना उपलब्ध करवाए बिना टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इस मामले को लेकर तीन भाजपा
समर्थित पार्षदों ने एसडीएम एवं नगर परिषद के प्रशासनिक अधिकारी अरुण शर्मा को शिकायत पत्र सौंपकर जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को 11 विकास कार्यों के लिए टेंडर जारी किए गए थे। इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए वार्ड नंबर-2 की पार्षद रजनी महाजन,
वार्ड नंबर-8 के पार्षद डॉ. चिराग गुप्ता तथा वार्ड नंबर-5 की पार्षद रंजना शर्मा ने संयुक्त रूप से प्रशासन को पत्र सौंपा है। उन्होंने इन टेंडरों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने तथा पूरी पारदर्शिता के साथ नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करवाने की मांग की है।
पार्षदों का आरोप है कि आधिकारिक पत्र में सभी पार्षदों को सूचना भेजने का दावा किया गया है, लेकिन भाजपा समर्थित
पार्षदों को इसकी प्रति उपलब्ध नहीं करवाई गई। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी निर्वाचित पार्षदों को विश्वास में लेने की मांग उठाई है।
इसके अतिरिक्त भाजपा समर्थित पार्षदों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2022 से लंबित शौचालय निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को लेकर भी नगर परिषद से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि इन कार्यों के लिए
दो बार टेंडर रद्द किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पार्षदों ने सवाल उठाया कि आखिर इतने लंबे समय से लंबित इन कार्यों को पूरा करवाने में देरी क्यों हो रही है?
एसडीएम बोले- शिकायत के आरोपों की होगी जांच
इस मामले में नगर परिषद नूरपुर के प्रशासनिक अधिकारी एवं एसडीएम अरुण शर्मा ने कहा कि भाजपा समर्थित पार्षदों
की ओर से शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें लगाए गए आरोपों की वास्तविकता की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन हुई है तो उसकी प्रक्रिया और तथ्यों का भी निरीक्षण किया जाएगा।
नगर परिषद अध्यक्ष ने आरोपों को नकारा
वहीं
, नगर परिषद नूरपुर की अध्यक्ष नीति महाजन ने भाजपा समर्थित पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सभी टेंडर प्रक्रियाएं ऑनलाइन होती हैं और ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया बंद हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि टेंडर जारी करने की प्रक्रिया में सभी निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन किया
गया है।

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