भौगोलिक स्थिति, क्षेत्रफल और प्रशासनिक सुविधाओं के आधार पर नूरपुर को जिला बनाने की मांग दोहराई :रणबीर सिंह निक्का
भौगोलिक स्थिति, क्षेत्रफल और प्रशासनिक सुविधाओं के आधार पर नूरपुर को जिला बनाने की मांग दोहराई :रणबीर सिंह निक्का
(नूरपुर:-विनय महाजन)
नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणबीर सिंह निक्का ने आज बीजेपी कार्यलय कंडवाल मे नूरपुर को जिला बनाने हेतु एक प्रतिनिधि मंडल ने विधायक को नूरपुर को जिला बनाने के लिए मिला l प्रतिनिधि मंडल ने वातचीत मे स्पष्ट कहां कि विधायक की हैसियत से जनहित मेआने वाले शीतकालीन विधानसभा सत्र में यह मुद्दा विधानसभा में जोर-जोर से उठाएं और सरकार से इस मामले में प्रश्न किया जाए क्या सरकार की नीयत वास्तव में नूरपुर को जिला बनाने की है? क्या सरकार का यह चुनावी स्टंट है? इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल को विधायक ने आश्वासन दिया कि नूरपुर को जिला बनाने की रणनीति तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार की सरकार में हुई थी लेकिन आज तक इसको मौजूदा सरकार अम्लीजामा नहीं पहना सकी l विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि प्रदेश सरकार हिमाचल में नए जिलों के गठन को लेकर गंभीर है तो नूरपुर को प्राथमिकता देते हुए जिला बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा की भौगोलिक स्थिति, क्षेत्रफल और प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए नूरपुर को जिला बनाया जाना जरूरी है।निक्का ने कहा कि नूरपुर भटियात, जवाली, इंदौरा और फतेहपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख केंद्र है। इन क्षेत्रों के कई दूरदराज इलाकों से लोगों को जिला मुख्यालय में प्रशासनिक कार्य करवाने के लिए आने-जाने में पूरा दिन लग जाता है। नूरपुर को जिला बनाने से लोगों को प्रशासनिक सुविधाएं नजदीक मिलेंगी और समय व संसाधनों की बचत होगी।उन्होंने कहा कि नूरपुर को जिला बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। वर्ष 2003 में तत्कालीन धूमल सरकार ने नूरपुर में अतिरिक्त जिला उपायुक्त (एडीसी) का कार्यालय खोला था, लेकिन बाद में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने पर इसे बंद कर दिया गया।विधायक ने कहा कि नूरपुर में पहले से ही राजस्व जिला, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, दो सेशन कोर्ट, जिला स्तरीय फॉरेंसिक कार्यालय, आरटीओ कार्यालय, जिला स्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल तथा एमएस नूरपुर अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भाजपा सरकार द्वारा मौजूद हैं। यह स्थिति नूरपुर को जिला बनाने की मांग के प्रशासनिक आधार को रेखांकित करती है।निक्का ने कहा कि नूरपुर की सीमा दो पड़ोसी राज्यों से लगती है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण नशे की तस्करी और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए पुलिस व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से तत्कालीन जयराम सरकार के कार्यकाल में नूरपुर में एसपी कार्यालय स्थापित किया गया था।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों के बेहतर संचालन के लिए नूरपुर में जिला स्तर पर प्रशासनिक नेतृत्व और समुचित संसाधनों की व्यवस्था जरूरी है।
विधायक रणबीर सिंह निक्का ने प्रदेश सरकार से मांग की कि नूरपुर की भौगोलिक परिस्थितियों, मौजूदा प्रशासनिक ढांचे और जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए नूरपुर को जिला बनाने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि इंदौरा और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में ऐसे क्षेत्र हैं जहां जिला स्तर पर कार्य करने के लिए धर्मशाला जाना पड़ता है जहां आने-जाने में दो दिन लग जाते हैं जनहित को मध्य नजर रखते हुए नूरपुर को जिला बनाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिएl उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि नूरपुर का बेटा नूरपुर की जनता के साथ है इसमें राजनीति की कोई बात नहीं हम विधानसभा में भी यह मुद्दा बड़े जोर से उठाएंगे और पहले भी नूरपुर जनहित के लिए अनेकों बार विधानसभा में लड़ाई लड़ी है लेकिन सरकार ने धरातल पर कोई सकारात्मक परिणाम जनहित में नहीं दिया शायद सरकार इस पर कुछ गौर करेंl

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